Ramzan 2026: 25 फरवरी को सातवां रोजा, जानें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में सहरी-इफ्तार का सही समय
रमजान के पवित्र महीने का आज (25 फरवरी) सातवां दिन है. भारत के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और पटना में सहरी और इफ्तार के समय में भौगोलिक स्थिति के कारण अंतर है। यहाँ देखें अपने शहर का सटीक टाइम टेबल.
Sehri Time and Iftar Time Today, February 25: इस्लाम के सबसे पवित्र महीने रमजान (Ramzan 2026) का सफर तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज, बुधवार 25 फरवरी को भारत भर में मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के लोग सातवां रोजा रख रहे हैं. रमजान में रोजे की शुरुआत तड़के 'सहरी' (Sehri) के साथ होती है और सूर्यास्त के समय 'इफ्तार' (Iftar) के साथ इसे मुकम्मल किया जाता है. चूंकि सहरी और इफ्तार का समय सूरज की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके समय में कुछ मिनटों का अंतर होता है. स्थानीय चंद्र कैलेंडरों और उर्दू पॉइंट के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को देश के प्रमुख शहरों में सहरी (समाप्ति) और इफ्तार (शुरू) का समय इस प्रकार है: यह भी पढ़ें: Eid Al Fitr 2026 in UAE: यूएई में कब होगी छुट्टियों की शुरुआत? जानें संभावित तारीखें और लॉन्ग वीकेंड को दोगुना करने का तरीका
प्रमुख शहरों में सहरी और इफ्तार का समय (25 फरवरी, 2026)
| शहर | सहरी (समाप्ति) | इफ्तार (शुरू) |
| मुंबई | सुबह 05:48 बजे | शाम 06:42 बजे |
| दिल्ली | सुबह 05:32 बजे | शाम 06:18 बजे |
| लखनऊ | सुबह 05:17 बजे | शाम 06:05 बजे |
| कोलकाता | सुबह 04:47 बजे | शाम 05:38 बजे |
| पटना | सुबह 05:00 बजे | शाम 05:49 बजे |
| अहमदाबाद | सुबह 05:50 बजे | शाम 06:41 बजे |
| बेंगलुरु | सुबह 05:27 बजे | शाम 06:28 बजे |
| हैदराबाद | सुबह 05:37 बजे | शाम 06:26 बजे |
| चेन्नई | सुबह 05:16 बजे | शाम 06:17 बजे |
| श्रीनगर | सुबह 05:42 बजे | शाम 06:23 बजे |
| रांची | सुबह 04:59 बजे | शाम 05:50 बजे |
| भोपाल | सुबह 05:30 बजे | शाम 06:21 बजे |
समय की सटीकता का महत्व
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रोजे के दौरान समय का पालन बेहद महत्वपूर्ण है. फज्र (भोर) की अजान के साथ सहरी का समय समाप्त हो जाता है और उसके बाद से मगरिब (सूर्यास्त) तक बिना अन्न-जल के उपवास रखा जाता है. परंपरा के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद साहब के सुन्नत का पालन करते हुए रोजेदार अक्सर खजूर और पानी से अपना रोजा खोलते हैं.
आध्यात्मिक चिंतन और सामुदायिक सद्भाव
रमजान केवल खाने-पीने से परहेज का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्म-अनुशासन, दान (जकात) और प्रार्थना का महीना है. भारत जैसे विविध देश में इस दौरान एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. जहाँ सुबह का वक्त शांत सहरी की तैयारियों का होता है, वहीं शाम को इफ्तार के समय बाजारों और मोहल्लों में सामुदायिक मेल-जोल बढ़ जाता है. दफ्तरों और यात्रा करने वाले लोगों के लिए कई जगहों पर इफ्तार के विशेष इंतजाम भी किए जाते हैं.
मौसम और भौगोलिक बदलाव
जैसे-जैसे फरवरी का महीना समाप्त होकर मार्च की ओर बढ़ रहा है, दिन धीरे-धीरे लंबे होने लगे हैं। इसका सीधा असर सहरी और इफ्तार के समय पर भी पड़ता है. हर दो-तीन दिनों में सहरी का समय कुछ सेकंड पहले और इफ्तार का समय कुछ सेकंड बाद की ओर खिसक जाता है. इसलिए, रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय मस्जिद या भरोसेमंद मोबाइल ऐप के माध्यम से सटीक समय की जानकारी लेते रहें.