12 Jan, 18:56 (IST)

रज्जब के इस पाक महीने में ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स होता है. जो 6 दिन तक बड़े ही धूम-धाम से चलता है. देशभर से लाखों जायरीन अजमेर शरीफ जियारत के लिए पहुंचते हैं.

12 Jan, 18:53 (IST)

रज्जब का चांद नजर आया गया. चांद नजर आने के बाद इस्लामिक कैलेंडर का सातवां महीना मगरिब के बाद से शुरू हो गया. इस महीने में छठी मनाया जाता है.

12 Jan, 18:49 (IST)

भारत में आज रज्जब का चांद नजर आया. चांद नजर आने के बाद कल यानी 13 जनवरी से इस्लामिक कैलेंडर का सातवां महिना शुरू हो जायेगा.

12 Jan, 18:46 (IST)

 भारत में मगरिब की नमाज के बाद रज्जब का चांद देखने की कोशिश की गई. आसमान में लोगों को इस पाक महीने का  चांद नजर आया. 

12 Jan, 17:21 (IST)

 रज्जब महीना इस्लामिक कैलेंडर में अन्य महीनों की तरह बरकत और पाक महीनों में एक है.

12 Jan, 17:19 (IST)

भारत में आज रज्जब का चांद मगरिब की नमाज के बाद देखने की कोशिश होगी. मगरिब की नमाज के बाद  चांद दिखा तो कल यानी शनिवार से रज्जब का महीना शुरू हो जायेगा.

Rajab Moon Sighting 2024 in India Live Update: इस्लाम धर्म में इस्लामिक कैलेंडर के सातवें महीने को रज्जब का महीना कहा जाता है. यह महीना इस्लाम में अन्य महीनों के तरह पाक महीना है. इस महीने को अल्लाह पाक ने तीन पवित्र महीनों (मुहर्रम, धू अल-कादा और धू अल-हिज्जाह) में से एक बताया है. मुसलमानों के अनुसार रज्जब वह महीना है, जिसमें चौथे रशीदुन खलीफा अली इब्न अबी तालिब का जन्म हुआ था. रज्जब वह माह भी है, जिसके दौरान इसरा और मेराज (मोहम्मद की मक्का से यरुशलम और सात स्वर्गों के माध्यम से यात्रा) हुई थी.

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यदि आज शाम मगरिब के नमाज के बाद  रज्जब का चांद दिखता है. कल यानी शनिवार से रजब का महीना शुरू हो जायेगा और 13 जनवरी को रज्जब की पहली तारीख मानी जाएगी. इस महीने में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का उर्स मनाया जाता है. यह भी पढ़े: Rajab 2023 in India: कब है शब-ए-मेराज? जानें इस्लामी कैलेंडर के 7वें माह के बारे में विस्तार से!

रजब के महीने में कूड़े की नियाज भी होती है:

कुछ अहले सुन्नत के उलमा मानते हैं कि 22 रज्जब को हजरत इमाम जाफर सादिक की वफात हुई थी, इस लिहाज से 22 तारीख को हजरत इमाम जाफर सादिक का नियाज कराया जाता है, जिसे कुंडे के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सभी मुसलमान अपने घर में खीर बनाते हैं और हजरत इमाम जाफर सादिक के नाम से फातिहा कराते हैं,