Prophet Muhammad Quotes 2025: मिलाद-उन-नबी पर पैगंबर मुहम्मद के शिक्षाप्रद कोट्स अपने इष्ट-मित्रों को शेयर कर पर्व को सेलिब्रेट करें!
ईद-मिलाद-उन-नबी 2025 (Photo Credits: File Image)

Prophet Muhammad Quotes 2025: पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) ने दया, समानता और जीवन की पवित्रता जैसे मानवता के कई प्रमुख पहलुओं पर ज़ोर दिया है. इस्लामी शिक्षाएं इस बात पर हमेशा से प्रभावी रही हैं कोई भी व्यक्ति नस्ल या मूल के आधार पर श्रेष्ठ नहीं हो सकता, और हर इंसान सम्मान और गरिमा के पात्र हैं. उन्होंने दान, करुणा और सहिष्णुता के महत्व को भी परिभाषित किया, और बताया कि ‘दया ईमान की निशानी है, और जिसके पास दया नहीं है, उसके पास ईमान भी नहीं है’. इसके अलावा, उन्होंने किसी दूसरे इंसान को किसी भी सूरत में नुकसान पहुंचाना एक गंभीर पाप माना जाता है. पैगंबर मुहम्मद के कुछ ऐसे ही शिक्षाप्रद एवं प्रेरणादायक कोट्स यहां दिये गए हैं, जो जीवन में मार्गदर्शन और नैतिकता का संदेश देते हैं, मिलाद-उन-नबी (4-5 सितंबर 2025) के अवसर पर आइए उनके ये कोट्स अपने स्वजनों को सोशल मीडिया के जरिए भेजकर उनकी शिक्षा एवं उपदेश को आगे बढ़ाएं. यह भी पढ़ें: Rabi ul Awal 2025 Mubarak Wishes: रबी-उल-अव्वल के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर प्रियजनों को दें मुबारकबाद

पैगंबर मुहम्मद के शिक्षाप्रद कोट्स:

1- ‘अपने भाई के लिए वही पसंद करो जो तुम अपने लिए पसंद करते हो.’

(सहीह अल-बुखारी, मुस्लिम)

2- ‘सबसे अच्छा वह है जो हर किसी के लिए सबसे अधिक लाभकारी हो.’

(अल-मुअज्जम अल-कबीर)

3- ‘मुस्कुराहट भी एक सदका (दान) है.’

(सहीह अल-बुखारी)

4- ‘अल्लाह उस पर दया नहीं करता जो लोगों पर दया नहीं करता.’

(सहीह अल-बुखारी, मुस्लिम)

5- ‘धोखा देने वाला हम में से नहीं है.’

(सहीह मुस्लिम)

6- ‘सबसे अच्छा मुसलमान वह है, जिससे दूसरों को उसके हाथ और ज़बान से कोई नुकसान न पहुंचने दे.’

(सहीह अल-बुखारी)

7- ‘जिसने ज्ञान की राह पर कदम रखा, अल्लाह उसके लिए जन्नत का हर रास्ता आसान कर देता है.’

(सहीह मुस्लिम)

8- ‘जो लोगों का शुक्र नहीं करते, वह अल्लाह का भी शुक्र नहीं कर सकते.'

(सुनन अबू दाऊद)

9- ‘अच्छा व्यवहार ही आधा ईमान है.’

(सहीह मुस्लिम)

10- ‘ताकतवर वह नहीं जो कुश्ती में जीत जाए, बल्कि ताकतवर वह है जो गुस्से के वक्त खुद पर काबू रखे.’

(सहीह अल-बुखारी, मुस्लिम)

गौरतलब है कि ईद-मिलाद-उन-नबी के दिन मुस्लिम समुदाय में विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं और इसका जश्न मनाया जाता है. लोग मस्जिदों में जाकर प्रार्थना करते हैं और पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को याद करते हैं.