Parsi New Year 2025 Messages in Hindi: भारत समेत दुनिया भर में रहने वाले पारसी समुदाय (Parsi Community) के लिए नवरोज (Navroz) का पर्व काफी महत्व रखता है, जिसे पारसी नव वर्ष, पारसी न्यू ईयर (Parsi New Year) और पतेती (Pateti) के नाम से भी जाना जाता है. नवरोज या पतेती फारसी कैलेंडर में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. इस पर्व को पारसियों द्वारा साल में दो बार मनाया जाता है. दरअसल, हर साल 21 मार्च को दुनिया भर के पारसी नए साल के उत्सव को मनाते हैं, जबकि शहंशाही कैलेंडर का पालन करने वाले भारत में रहने वाले पारसी समुदाय के लोग हर साल 15 या 16 अगस्त को पारसी नव वर्ष का त्योहार मनाते हैं. पारसी नव वर्ष यानी नवरोज के उत्सव को लोग अपने परिवार, दोस्तों और करीबियों के साथ पूरे जोश और उत्साह के साथ सेलिब्रेट करते हैं. यह पर्व आनंद, कृतज्ञता और सेलिब्रेशन का समय होता है, इसलिए लोग अपनी साझा सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाने के लिए इस दिन साथ आते हैं.
पारसी नव वर्ष की उत्पत्ति फारस से हुई थी, जहां इसे फारसी कैलेंडर में नए साल की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता था. ऐसी मान्यता है कि 7वीं शताब्दी में जब पारसी समुदाय के कुछ लोग भारत आए तो यहां भी उन्होंने अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन जारी रखा. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स और जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से हैप्पी पारसी न्यू ईयर कह सकते हैं.





गौरतलब है कि नवरोज की सुबह पारसी समुदाय के लोग स्नानादि से निवृत्त होकर नए वस्त्र धारण करते हैं, फिर इस दिन की शुरुआत प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अग्यारी यात्रा से होती है, जिसे इस उत्सव का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है और यह त्योहार के आध्यात्मिक पहलू को भी दर्शाता है. इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करके उसे सुंदर तरीके से सजाते हैं, जिसे अतीत की नकारात्मकता को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. इसके साथ ही इस दिन घरों में लजीज पकवान बनाए जाते हैं, जिसका परिवार और करीबियों के साथ मिलकर लुत्फ उठाया जाता है.













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