त्योहार

Nagula Chavithi 2023: कब है नागुला चविथि? जानें इसका महत्व और पूजा विधि

नगुला चविथी हिंदुओं के बीच बहुत महत्व रखती है. यह दिन सभी नागाओं (नाग देवताओं) की पूजा के लिए मनाया जाता है. इस दिन लोग नाग की पूजा करते हैं और नागों का आशीर्वाद लेते हैं. नागुला चविथि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष नागुला चविथि 17 नवंबर, 2023 को मनाया जाएगा...

Nagula Chavithi 2023: कब है नागुला चविथि? जानें इसका महत्व और पूजा विधि
नगुला चविथी 2023 (Photo: File Image)

Nagula Chavithi 2023: नगुला चविथी (Nagula Chavithi) हिंदुओं के बीच बहुत महत्व रखती है. यह दिन सभी नागाओं (नाग देवताओं) की पूजा के लिए मनाया जाता है. इस दिन लोग नाग की पूजा करते हैं और नागों का आशीर्वाद लेते हैं. नागुला चविथि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष नागुला चविथि 17 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा. नागुला चविथी का हिंदू धर्म में बड़ा धार्मिक महत्व है. नागुला चविथी का त्योहार कई नाग देवताओं की पूजा के लिए मनाया जाता है. भगवान शिव को गले में वासुकी सांप पहने हुए भी दर्शाया गया है और उन्हें नाग भूषम के नाम से भी जाना जाता है. यह भी पढ़ें: Kartik Pooja 2023: कब है कार्तिक पूजा? जानें इसका महत्व, मुहूर्त एवं पूजा विधि!

भगवान विष्णु भी शेष नाग पर विश्राम करते हैं और शेष थल्पा साई के नाम से जाने जाते हैं. भगवान कार्तिकेय को नाग स्वरूओ और भगवान गणेश को नाग यज्ञोपवीत के नाम से जाना जाता है. नागुला चविथि का त्यौहार आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मनाया जाता है. इस शुभ दिन पर महिलाएं व्रत रखती हैं और नाग देवताओं का आशीर्वाद लेती हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नागा (सांप) को राहु ग्रह भी कहा जाता है.

नागुला चविथि 2023: दिनांक और समय

  • चविथि तिथि प्रारंभ - 16 नवंबर, 2023 - 12:34 अपराह्न
  • चविथि तिथि समाप्त - 17 नवंबर, 2023 - 11:03 पूर्वाह्न
  • नागुला चविथी पूजा मुहूर्त - 17 नवंबर, 2023 - सुबह 10:24 बजे से 11:03 बजे तक

सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें. नाग देवता की मूर्ति रखें और देवता की पूजा करें. भक्त नागों के बिल में जाते हैं और नाग देवता को भोग प्रसाद चढ़ाते हैं. नाग देवता को तिल के लड्डू, दाल से बने पकवान और चावल के आटे और गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है. फूल, गाय के दूध, हल्दी, कुमकुम, केले, थम्बूलम (पान के पत्तों और सुपारी का संयोजन) और चावल के आटे से पूजा करना अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 16, 2023 05:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).