Marathwada Mukti Sangram Din 2025 Messages in Marathi: हर साल 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस (Marathwada Mukti Sangram Din) के रूप में मनाया जाता है. 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ था, लेकिन उस समय देश की कई रियासतों का भारत में विलय नहीं हुआ था. उनमें से एक हैदराबाद राज्य था. हैदराबाद के निजाम ने मराठवाड़ा (Marathwada) को 13 महीने तक स्वतंत्रता से वंचित रखा. 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद भारत को स्वतंत्रता मिली. हालांकि, हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान हैदराबाद (Hyderabad) को एक अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे. हैदराबाद राज्य में महाराष्ट्र (मराठवाड़ा) के 8 जिले, साथ ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्से शामिल थे. निजाम ने लोगों को स्वतंत्रता के प्रवाह से दूर रखने के लिए अत्याचार शुरू कर दिए.
स्वामी रामानंद तीर्थ के नेतृत्व में मुक्ति संग्राम की मशाल प्रज्वलित हुई.
इसी दौरान, स्वामी रामानंद तीर्थ ने 1938 में महाराष्ट्र परिषद की स्थापना की. उन्होंने हैदराबाद राज्य को भारत में शामिल करने के लिए प्रयास किए. हालांकि, निजाम सुनने को तैयार नहीं थे. अंततः, भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 13 सितंबर 1948 को ऑपरेशन पोलो नामक एक सैन्य अभियान शुरू किया. इस सैन्य अभियान में निजाम की हार हुई. 17 सितंबर 1948 को निजाम ने आत्मसमर्पण कर दिया और मराठवाड़ा स्वतंत्र हो गया. तब से, 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्तिसंग्राम दिवस के रूप में मनाया जाता है. मराठवाड़ा मुक्तिसंग्राम दिवस के अवसर पर, अपने दोस्तों और परिवार को इमेजेज, विशेज, कोट्स, व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से विशेष शुभकामनाएं अवश्य दें. इसके लिए आप नीचे दी गई इमेजेज डाउनलोड कर सकते हैं.
1- धडक कारवाईमुळे निजाम राजवट पूर्ण झाली खिळखिळी,
गुलामगिरीचे तोडून साखळदंड स्वातंत्र झाली मराठवाडा भूमी,
जान ठेवून भूमीपूत्रांच्या त्याग बलिदानाची...
मराठवाडा मुक्ती संग्राम दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

2- स्वातंत्र्यवीरांच्या अथक परिश्रमातून स्वातंत्र झाली जेव्हा भारत भूमी,
तेव्हा मात्र मराठवाड्यातील जनता रझाकारांच्या जुलमामुळे अश्रू ठाळत होती,
अन्याय अत्याचाराचा काळोख दाटला होता चहूबाजूंनी,
तेव्हा अनेक भूमीपूत्रांनी रक्त सांडले या मायभूमीसाठी...
मराठवाडा मुक्ती संग्राम दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

3- मराठवाडा मुक्तिसंग्रामात
ज्या स्वातंत्र्यविरांनी आपल्या प्राणांची आहुती दिली
अशा शहीद झालेल्या हुतात्म्यांना विनम्र अभिवादन!
मराठवाडा मुक्तीसंग्राम दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

4- जेव्हा स्वातंत्र्याचे मांगल्य गीत गात होती भारत भूमी,
तेव्हा मात्र पारतंत्र्याचे चटके सोसत होती मराठवाडा भूमी,
सांगतात आजी-आजोबा आजही तेव्हाची परिस्थिती,
निजामाच्या गुलामगिरीने त्रस्त झालेल्या जनतेची करुण कहाणी…
मराठवाडा मुक्ती संग्राम दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

5- जुलमी राजवट उलथवून लावत
मराठवाड्यात स्वातंत्र्याची नवपहाट उगविण्यासाठी
ज्या शूर सेनानींनी बलिदान दिले,
त्या सर्व स्वातंत्र्यसेनानींना माझे शत शत नमन!
मराठवाडा मुक्तीसंग्राम दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

मराठवाड़ा मुक्ति गाथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, त्याग और स्वाभिमान की कहानी है. यह कहानी केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, समानता और स्वतंत्रता के मूल्यों का संदेश देती है.













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