Maharashtra Day 2025 Messages: हैप्पी महाराष्ट्र डे! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes और GIF Greetings
महाराष्ट्र राज्य 1 मई 1960 को भाषा के आधार पर एक अलग राज्य के तौर पर अस्तित्व में आया था, इसलिए यह मराठी भाषियों के साथ-साथ राज्य में रहने वाले सभी भाषियों के लिए काफी महत्व रखता है. इस दिन की बधाई देने के लिए लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भी भेजते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से हैप्पी महाराष्ट्र दिवस कह सकते हैं.
Maharashtra Day 2025 Messages in Hindi: 1 मई का दिन कई मायनों में बेहद खास है, क्योंकि एक तरफ जहां इस दिन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labour Day) मनाया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ इस दिन महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) अपने-अपने राज्य स्थापना दिवस (State Formation Day) का जश्न हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. आपको बता दें कि देश की आजादी के कई साल बाद 1 मई 1960 को भारत की तत्कालीन नेहरू सरकार ने बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960 के तहत बॉम्बे प्रदेश को महाराष्ट्र और गुजरात नामक दो राज्यों में विभाजित कर दिया, इसलिए महाराष्ट्र (Maharashtra Day) और गुजरात हर साल 1 मई को अपना-अपना राज्य स्थापना दिवस मनाते हैं. हालांकि महाराष्ट्र और गुजरात राज्य का गठन होने के बाद दोनों राज्यों में बॉम्बे को लेकर भी विवाद हुआ. मराठी भाषियों का मानना था कि बॉम्बे उन्हें मिलना चाहिए, क्योंकि वहां ज्यादातर लोग मराठी बोलते हैं, जबकि गुजराती भाषियों का मानना था कि बॉम्बे उनकी बदौलत था. दोनों राज्यों के बीच हुए इस विवाद के बाद आखिरकार बॉम्बे को महाराष्ट्र की राजधानी बनाया गया.
महाराष्ट्र राज्य 1 मई 1960 को भाषा के आधार पर एक अलग राज्य के तौर पर अस्तित्व में आया था, इसलिए यह मराठी भाषियों के साथ-साथ राज्य में रहने वाले सभी भाषियों के लिए काफी महत्व रखता है. इस दिन की बधाई देने के लिए लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भी भेजते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से हैप्पी महाराष्ट्र दिवस कह सकते हैं.





ज्ञात हो कि जब भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ, तब महाराष्ट्र और गुजरात बॉम्बे प्रदेश का हिस्सा हुआ करते थे. आजादी के बाद राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत कई राज्यों का गठन किया गया था. इस अधिनियम के तहत कन्नड़ भाषी लोगों के लिए कर्नाटक, तेलुगु भाषी लोगों के लिए आंध्र प्रदेश, मलयालम भाषी लोगों के लिए केरल और तमिल भाषियों के लिए तमिलनाडु राज्य का गठन किया गया, लेकिन मराठी और गुजराती भाषियों के लिए अलग राज्य नहीं मिला था, जिसे लेकर कई आंदोलन हुए. तब जाकर 1 मई 1960 को महाराष्ट्र और गुजरात नाम के दो राज्य अस्तित्व में आए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

