Mahalaya 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष (Pitru Paksha) मनाया जाता है. इस दौरान लोग अपने पूर्वजों और पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध जैसे कर्म करते हैं, फिर सर्वपितृ अमावस्या (Sarv Pitru Amavasya) के दिन पितरों को विदाई दी जाती है. इसके साथ ही इस दिन महालया अमावस्या (Mahalaya Amavasya) भी मनाई जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महालया (Mahalaya) यानी सर्व पितृ अमावस्या के दिन ही मां दुर्गा का प्राकट्य हुआ था. मां दुर्गा (Maa Durga) ने महिषासुर (Mahisasur) नाम के असुर का संहार करके धरती पर रहने वाले मनुष्यों और स्वर्ग के देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी, इसलिए महालया को शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) और दुर्गा पूजा (Durga Puja) की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है. इस दिन दोपहर तक पितरों को विदाई दी जाती है, फिर शाम को मां दुर्गा का कैलाश पर्वत से धरती पर आगमन होता है.
इस साल महालया 21 सितंबर 2025 को है, जबकि 22 सितंबर 2025 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. महालया के दिन ही मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं की आंखें तैयार करके उनमें रंग भरते हैं. महालया के इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को इसकी प्यार भरी शुभकामनाएं दे सकते हैं.





महालया यानी सर्व पितृ अमावस्या के अगले दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. जिसका समापन आश्विन शुक्ल नवमी को होता है और दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार मनाया जाता है. बता दें कि पितृ पक्ष के आखिरी दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या पर सभी पितरों को विदाई दी जाती है. वहीं देशभर में रहने वाले बंगाली समुदाय के लोग इस दिन महालया मनाते हैं, जिसका खास महत्व बताया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती पर आगमन करती हैं और 10 दिनों तक अपने भक्तों के बीच रहकर उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.













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