Kanya Pujan 2026 Wishes: चैत्र नवरात्रि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व; अपनों को इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
माना जाता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा अधूरी रहती है, क्योंकि छोटी बालिकाओं में साक्षात देवी दुर्गा का वास माना गया है. चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए कन्या पूजन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Kanya Pujan 2026 Wishes in Hindi: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) 2026 के पावन अवसर पर देशभर में भक्ति का माहौल है. नवरात्रि के आठवें दिन (महाअष्टमी) और नौवें दिन (महानवमी) को हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. नौ दिनों के कठिन उपवास के बाद भक्त मां दुर्गा (Maa Durga) के शक्तिशाली स्वरूप की पूजा करते हैं और कन्या पूजन (Kanya Pujan) के साथ अपने व्रत का समापन करते हैं. इसे 'कंजक पूजा' या 'कुमारी पूजा' भी कहा जाता है. मान्यता है कि कन्याओं के रूप में स्वयं मां दुर्गा घर में पधारती हैं, जिससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.
कन्या पूजन के दौरान नौ छोटी बच्चियों को माता के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में घर पर आमंत्रित किया जाता है. परंपरा के अनुसार, सबसे पहले उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें आदरपूर्वक आसन पर बैठाया जाता है. इसके बाद उन्हें पूरी, हलवा, काले चने, खीर और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है. भोजन के उपरांत भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्याओं को उपहार, फल या दक्षिणा भेंट करते हैं. अंत में उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है.
नौ दिनों की कठिन भक्ति और उपवास के बाद, भक्त मां दुर्गा के स्वरूप मानी जाने वाली कन्याओं का पूजन कर अपना व्रत पूर्ण करते हैं. अष्टमी (महाअष्टमी) और नवमी (महानवमी) के दिन कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है. माना जाता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा अधूरी रहती है, क्योंकि छोटी बालिकाओं में साक्षात देवी दुर्गा का वास माना गया है. चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए कन्या पूजन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
पूजन से मिटे जीवन का हर दुख-संताप.
अष्टमी-नवमी का ये पावन पर्व,
लाए खुशियाँ और सुख का आलाप.
उनका पूजन करता है हर भक्त निष्कंल्क.
कन्या पूजन लाए घर में खुशहाली,
मां दुर्गा करें आपकी हर मनोकामना पूरी.
मां दुर्गा का आशीर्वाद जीवन में समाए.
कन्या पूजन से मिटे सारे विघ्न-बाधा,
आपका हर दिन मंगलमय हो जाए.
कन्या पूजन से होता हर सपना साकार.
मां अन्नपूर्णा का मिले सबको आशीष,
खुशियों से भर जाए जीवन का द्वार.
नन्हे चरणों में छिपा है संसार.
मां दुर्गा करें हर इच्छा पूरी,
सदा आपके संग रहे उनका प्यार.
इस वर्ष तिथियों के अनुसार कन्या पूजन के लिए दो मुख्य दिन हैं. 25 मार्च 2026 को महाअष्टमी तिथि है, जबकि 26 मार्च 2026 को महानवमी मनाई जा रही है. इन दोनों तिथियों पर लोग कन्या पूजन करके अपना व्रत पूर्ण करते हैं. शास्त्रों के अनुसार, कन्या पूजन की एक निश्चित विधि है जिसका पालन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं. दो से दस वर्ष की आयु की नौ कन्याओं और एक बालक (बटुक भैरव के रूप में) को सादर आमंत्रित करें.
कन्याओं के घर प्रवेश पर उनके पैर धोएं और उन्हें स्वच्छ आसन पर बिठाएं. सभी कन्याओं के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाएं और अक्षत (चावल) छिड़कें. उन्हें पूरी, हलवा, काले चने और फल का सात्विक भोजन कराएं। ध्यान रहे कि भोजन में लहसुन-प्याज का प्रयोग न हो. भोजन के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार उन्हें उपहार, लाल चुनरी या दक्षिणा भेंट करें. अंत में सभी कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें ससम्मान विदा करें.