Jyeshtha Purnima 2022: ज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा का महात्म्य एवं शुभ मुहूर्त! जानें माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के खास उपाय!
पूर्णिमा की रात को माँ लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है, तथा चंद्रमा की पूजा से चद्र दोष मिटता है. इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए. प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को ज्येष्ठ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है
Jyeshtha Purnima 2022: पूर्णिमा की रात को माँ लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है, तथा चंद्रमा की पूजा से चद्र दोष मिटता है. इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए. प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को ज्येष्ठ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इसे जेठ पूर्णिमा अथवा जेठ पूर्णमासी के नाम से भी जाना जाता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. गौरतलब है कि पूर्णिमा की तिथि माँ लक्ष्मी को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि गंगा-स्नान एवं दान के पश्चात मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के सारे आर्थिक एवं पारिवारिक कष्ट दूर हो जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में इस वर्ष की ज्येष्ठ पूर्णिमा को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, क्योंकि इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा 14 जून आखिरी ज्येष्ठ मंगलवार के दिन पड़ रहा है. बहुत से श्रद्धालु इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा भी सुनना पसंद करते हैं. यह भी पढ़े: शनिवार के दिन करें ये 5 उपाय! बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा! बीमारी और दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति
ज्येष्ठ पूर्णिमा का महात्म्य
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा की रात माँ लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से धन एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, तथा जिसकी कुंडली में चंद्र दोष होता है, उसे इससे मुक्ति मिलती है. इसलिए प्रत्येक पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी की प्राप्ति के कुछ न कुछ उपाय जरूर किये जाने चाहिए.
ज्येष्ठ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचाग के अनुसार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा 14 जून 2022, मंगलवार को मनाया जाएगा. जानें शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा प्रारंभ: 09.02 PM (13 जून 2022, सोमवार) से
पूर्णिमा समाप्त: 05.21 PM (14 जून 2022, मंगलवार) तक
* उदया तिथि के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 14 जून को रखा जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त 2022
इस वर्ष यानी आज की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर साध्य और शुभ का सुंदर योग बन रहा है. साध्य योग 09.40 AM तक रहेगा, इसके बाद शुभ योग 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12.49 PM तक रहेगा. गौरतलब है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्णिमा व्रत की पूजा प्रातःकाल की जाती है और रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य के साथ पूजा की जाती है.
माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए करें उपाय!
आप किसी भी तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, और इससे तत्काल मुक्ति चाहते हैं तो पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी से संबंधित ये उपाय अवश्य करें. ऐसा करने से सारी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है. आय के अवरुद्ध रास्ते खुल जाते हैं.
* इस दिन लक्ष्मी पूजा के दरम्यान लक्ष्मी जी के समक्ष लाल रंग के नये कपड़े के टुकड़े में 11 कौड़ियां चढ़ाएं और हल्दी का तिलक लगायें, अगले दिन स्नान के बाद लक्ष्मी जी के सामने दीप जला कर हाथ जोड़ें, और कौड़ियों को तिजोरी या धन वाले स्थान पर रख देने. लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी.
* ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आय में वृद्धि के लिए लक्ष्मी स्तोत्र अथवा कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें. माँ लक्ष्मी की कृपा बरसेगी.
* आज के दिन महालक्ष्मी को गाय के दूध में बने खीर का भोग लगाएं. उस खीर को अपने परिवार को प्रसाद स्वरूप खिलाएं. सभी आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा.
* ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन संध्या काल में 5 पांच कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं, उन्हें उपहार एवं दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त करें.
* ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सुबह सवेरे ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद मां लक्ष्मी और श्रीहरि की पूजा करें. लक्ष्मी जी को सुगंधित धूप, लाल गुलाब या कमल के फूल, खीर इत्यादि अर्पित करें. संभव हो तो विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
* पूर्णिमा की रात चंद्रमा को जल का अर्घ्य देकर धूप दीप जलाकर पूजा करें.
* पूर्णिमा की मध्य रात्रि में गाय के दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें, अगली सुबह उसका सेवन करें. आय के नये साधन प्राप्त होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2022 06:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

