Jhulelal Jayanti 2025 Wishes: झूलेलाल जयंती के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers को भेजकर दें पर्व की बधाई
चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

Jhulelal Jayanti 2025 Wishes in Hindi: चेटी चंड (Cheti Chand) के पर्व को सिंधी समुदाय के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है और इस पर्व को सिंधी नववर्ष (Sindhi New Year) की शुरुआत भी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर अवतारी युग पुरुष भगवान झूलेलाल का जन्म हुआ था, इसलिए सिंधी नववर्ष को उनके जन्मोत्सव (Jhulelal Jayanti) के तौर पर मनाया जाता है. भगवान झूलेलाल को जल देवता और सिंधी समाज के रक्षक के रूप में पूजा जाता है. इस समुदाय के लोग भगवान झूलेलाल की उदेरोलाल, घोड़ेवारो, जिंदपीर, लालसाईं, पल्लेवारो, ज्योतिनवारो, अमरलाल जैसे कई अलग-अलग नामों से पूजा करते हैं. इस साल 30 मार्च 2025 को झूलेलाल जयंती मनाई जा रही है.

झूलेलाल जयंती के दिन श्रद्धालु लकड़ी का एक छोटा मंदिर बनाते हैं, जिसमें जल से भरा एक लोटा और प्रज्जवलित ज्योति रखी जाती है, जिसे बहिराणा साहिब कहा जाता है. इस दिन झूलेलाल की झांकी निकाली जाती है और परंपरागत छेज नृत्य किया जाता है. साथ ही इस पर्व के शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए अपनों को झूलेलाल जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- ‎सिंधी नव वर्ष की शुभकामनाएं

चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

2- हैप्पी सिंधी न्यू ईयर

चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

3- झूलेलाल जयंती की शुभकामनाएं

चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी झूलेलाल जयंती

चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

5- चेटी चंड की हार्दिक बधाई

चेटी चंड 2025 (Photo Credits: File Image)

चेटी चंड का संबंध भगवान झूलेलाल से है, जिनका जन्म 10वीं शताब्दी में सिंध प्रांत में हुआ था. उस दौरान सिंध में समुरा वंश का शासन था. भगवान झूलेलाल का जन्म ऐसे समय में हुआ था, जब सिंधी समाज पर अत्याचार हो रहे थे और धर्म परिवर्तन का दबाव था. ऐसे में उन्होंने समाज को धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय का मार्ग दिखाया.
झूलेलाल जी को जल देवता का अवतार माना जाता है. कहा जाता है कि प्राचीन काल में सिंधी समाज के लोग व्यापार के लिए जलमार्ग से यात्रा करते थे और अपनी यात्रा की सफलता व सुरक्षा के लिए भगवान झूलेलाल की पूजा करते थे. भगवान झूलेलाल ने समाज को सत्य, अहिंसा और एकता का संदेश दिया था, इसलिए उनकी जयंती को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.