Islamic New Year 2025 Messages: इस्लामी नया साल मुबारक! प्रियजनों को इन हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
मुहर्रम या हिजरी नववर्ष की पहली तारीख मुसलामों के लिए इबादत का कोई निर्धारित दिन नहीं है और इसे लोग अपने-अपने तरीके से सेलिब्रेट करते हैं. ऐसे में आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें इस्लामी नया साल मुबारक कहकर बधाई दे सकते हैं.
Islamic New Year 2025 Messages in Hindi: इस्लामिक चंद्र कैलेंडर को हिजरी कैलेंडर (Hijri Calendar) के रूप में जाना जाता है और हिजरी वर्ष (622 ई. के अनुरुप) उस वर्ष से शुरू होता है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) का मक्का से मदीना में हिजरा (प्रवास) हुआ था. वर्ष 1 हिजरी ने मदीना में पहले इस्लामी राज्य की स्थापना को चिह्नित किया, इसलिए मुसलमानों के लिए इसका काफी महत्व है. यहा वास्तव में खलीफा उमर बिन अल-खत्ताब थे, जिन्होंने हिजरा को पहले इस्लामी हिजरी वर्ष के रूप में स्थापित किया. इस्लाम धर्म में नए साल (Islamic New Year) की शुरुआत मुहर्रम (Muharram) के महीने से होती है, जिसे इस्लाम धर्म से चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है. इस साल पहला मुहर्रम और हिजरी नववर्ष की शुरुआत 27 जून 2025 से होगी, लेकिन वास्तविक तिथि चांद के दीदार पर निर्भर करती है. इस्लाम में नए दिन की शुरुआत सूर्यास्त के समय से होती है, इसलिए इस्लामी नए साल का पहला दिन तकनीकी रूप से 26 जून को सूर्यास्त के समय से शुरु होकर 27 जून 2025 को सूर्यास्त के समय तक रहेगा.
मुहर्रम या हिजरी नववर्ष की पहली तारीख मुसलामों के लिए इबादत का कोई निर्धारित दिन नहीं है, लेकिन इस दिन को पैगंबर मोहम्मद और उनके समय के मुसलमानों की यात्रा और संघर्ष पर चिंतन करने के लिए एक समय के रूप में उपयोग किया जा सकता है. हालांकि मुहर्रम की पहली तारीख को नए साल के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है. ऐसे में आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें इस्लामी नया साल मुबारक कहकर बधाई दे सकते हैं.





गौरतलब है कि हिजरी नववर्ष को मनाने के लिए किसी निर्धारित रीति-रिवाज की आवश्यकता नहीं है, लेकिन मुहर्रम अल्लाह द्वारा निर्धारित पवित्र महीनों में से एक है, जब अच्छे कर्मों का सवाब कई गुना अधिक बढ़ जाता है. यह मुसलमानों के लिए सदका, जारिया, नफ्ल (स्वैच्छिक) प्रार्थनाएं, उपवास और कुरआन का पाठ जैसे कार्यों को शामिल करने का एक उपयुक्त समय है. इस्लामी नववर्ष कई मुस्लिम देशों में सार्वजनिक अवकाश का दिन भी होता है. कई लोग इस दिन अपने प्रियजनों, दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ मिलकर इसका जश्न मनाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2025 05:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

