Hartalika Teej 2025 Messages: हैप्पी हरतालिका तीज! इन हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई
अखंड सौभाग्य के लिए किए जाने वाले व्रतों में हरतालिका तीज के व्रत को सबसे कठिन माना जाता है, क्योंकि करीब 36 घंटे तक महिलाएं बिना कुछ खाए-पिए निर्जल व्रत करती हैं. इस व्रत का पालन सुहागन महिलाओं के अलावा अच्छे वर की कामना से कुंवारी कन्याएं भी करती हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए हैप्पी हरतालिका तीज कहकर बधाई दे सकती हैं.
Hartalika Teej 2025 Messages in Hindi: अखंड सौभाग्य के लिए किए जाने वाले तमाम व्रतों में हरतालिका तीज (Hartalika Teej) का विशेष महत्व बताया जाता है. इस व्रत को हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस साल 26 अगस्त 2025 को हरतालिका तीज (Hartalika Teej) मनाई जा रही है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जल व्रत रखती है, नए वस्त्र धारण करके, सोलह श्रृंगार करके देवों के देव महादेव (Mahadev) और माता पार्वती (Mata Parvati) की पूजा करती हैं. ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करके विधि-विधान से पूजा करने से महादेव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके साथ ही अखंड सौभाग्य और खुशहाल जीवन का वरदान मिलता है.
अखंड सौभाग्य के लिए किए जाने वाले व्रतों में हरतालिका तीज के व्रत को सबसे कठिन माना जाता है, क्योंकि करीब 36 घंटे तक महिलाएं बिना कुछ खाए-पिए निर्जल व्रत करती हैं. इस व्रत का पालन सुहागन महिलाओं के अलावा अच्छे वर की कामना से कुंवारी कन्याएं भी करती हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए हैप्पी हरतालिका तीज कहकर बधाई दे सकती हैं.





हरतालिका तीज के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर हाथ में फूल और जल लेकर व्रत का संकल्प लिया जाता है, फिर मिट्टी से शिवलिंग, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाकर प्रदोष काल में विधि-विधान से पूजा की जाती है. पूजन के दौरान हरतालिका तीज की कथा पढ़ी या सुनी जाती है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है.
गौरतलब है कि हरतालिका तीज के व्रत से जुड़े नियम काफी कठोर होते हैं, व्रत रखने वाली महिलाओं को इन नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. कहा जाता है कि अगर एक बार इस व्रत को किसी महिला ने शुरु कर दिया तो उसे जीवन भर यह व्रत करना पड़ता है, साथ ही कहा जाता है कि अगर महिला अस्वस्थ या बीमार है तो उसकी जगह उसका पति यह व्रत रख सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

