Hal Shashti 2025 Messages in Hindi: महिलाएं जिस तरह से अपने पति की दीर्घायु के लिए साल में कई व्रत करती हैं, उसी तरह से अपनी संतान की दीर्घायु और उसके उत्तम आरोग्य की कामना से भी महिलाएं कई व्रत बड़े ही श्रद्धाभाव से करती हैं. उन्हीं व्रतों में से एक है हल षष्ठी (Hal Shashti), जिसे भगवान श्रीकृष्ण (Bhagwan Shri Krishna) के बड़े भाई और शेषनाग के अवतार बलराम जी की जयंती (Balram Jayanti) पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले हल षष्ठी को ललही छठ, हरछठ व्रत, चंदन छठ, तिनछठी, तिन्नी छठ, कमर छठ या खमर छठ जैसे कई नामों से जाना जाता है. इस साल 14 अगस्त 2025 को यह पर्व मनाया जा रहा है. दरअसल, बलराम जी को हलधर यानी हल धारण करने वाला माना जाता है, इसलिए उनके जन्मोत्सव को हल षष्ठी के नाम से जाना जाता है.
हल षष्ठी के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और उसकी अच्छी सेहत की कामना से निर्जल व्रत करती हैं, जबकि निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना से इस व्रत को पूरे श्रद्धाभाव से करती हैं और भगवान बलराम की पूजा करती हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैजेसेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को इस पर्व की प्यार भरी शुभकामनाएं दे सकती हैं.
हलषष्ठी की शुभकामनाएं





गौरतलब है कि हल षष्ठी के दिन महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखती हैं और फिर हलधर भगवान बलराम जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं. इस दिन व्रती महिलाएं गाय के दूध या दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल करने से परहेज करती हैं. इस व्रत में केवल भैंस के दूध और पसाई धान के चावल का उपयोग किया जाता है, साथ ही पूजन में महुआ का इस्तेमाल होता है. पूजा के बाद भैंस के दूध से बने दही और महुआ को पलाश के पत्तों पर रखकर उसका सेवन करके इस व्रत का पारण किया जाता है.













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