Ganga Dussehra 2025 Messages: हैप्पी गंगा दशहरा! इन हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई
यह माना जाता है कि गंगा नदी शिव जी की जटाओं से निकलती हैं, इसलिए गंगा दशहरा के दिन मां गंगा के साथ-साथ शिव जी की भी पूजा करनी चाहिए. इस दिन गंगा स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. गंगा दशहरा के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को पर्व की बधाई दे सकते हैं.
Ganga Dussehra 2025 Messages in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) का त्योहार मनाया जाता है, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार इस साल 5 जून 2025 को गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है. सनातन धर्म में मां गंगा (Maa Ganga) को पतितपावनी और मोक्षदायिनी माना जाता है, इसलिए ऐसा माना जाता है कि गंगा में आस्था की डुबकी लगाने मात्र से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले 10 प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं, जिनमें कठोर वाणी, दूसरे के धन को लेने का विचार, दूसरों का बुरा, निषिद्ध हिंसा, परस्त्री गमन, बिना दी हुई वस्तु को लेना, व्यर्थ की बातों में दुराग्रह, चुगली करना, झूठ बोलना, दूसरों का अहित करना इत्यादि शामिल है. गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का विधि-विधान से पूजा की जाती है और गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य किए जाते हैं.
यह माना जाता है कि गंगा नदी शिव जी की जटाओं से निकलती हैं, इसलिए गंगा दशहरा के दिन मां गंगा के साथ-साथ शिव जी की भी पूजा करनी चाहिए. इस दिन गंगा स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. गंगा दशहरा के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को पर्व की बधाई दे सकते हैं.
प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर हस्त नक्षत्र में मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. मां गंगा धरती पर जगत कल्याण के उद्देश्य से अवतरित हुई थीं, इसलिए उनके अवतरण दिवस को गंगा दशहरा के तौर पर मनाया जाता है. कहा जाता है कि भागीरथ मां गंगा को धरती पर लाए थे, इसलिए गंगा को भागीरथी के नाम से भी जाना जाता है. गंगा दशहरा के दिन पतितपावनी गंगा के साथ-साथ भगवान शिव की भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.