Chaitra Navratri 2026 Day 5: चैत्र नवरात्रि का आज पांचवां दिन, पूजा-पाठ को लेकर सुबह से ही मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़; देखें VIDEO

चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन देशभर के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा. दिल्ली के छतरपुर और झंडेवालान से लेकर अयोध्या और अहमदाबाद तक, श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना की

(Photo Credits ANI)

Chaitra Navratri 2026 Day 5:  चैत्र नवरात्रि 2026 के पांचवें दिन आज देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल है. सोमवार, 23 मार्च को नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप 'मां स्कंदमाता' की पूजा की जा रही है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं. राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध छतरपुर और झंडेवालान मंदिरों में तड़के होने वाली आरती में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.

दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में भव्य आरती

देश की राजधानी दिल्ली में चैत्र नवरात्रि का विशेष उल्लास देखने को मिल रहा है. छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में सोमवार सुबह मां की भव्य आरती की गई. मंदिर परिसर को फूलों और लाइटों से विशेष रूप से सजाया गया है. इसी तरह झंडेवालान मंदिर में भी भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ा. सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता के दर्शन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इन मंदिरों के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं.  यह भी पढ़े:  Chaitra Navratri 2026 Messages: हैप्पी चैत्र नवरात्रि! प्रियजनों संग शेयर करें ये भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और HD Images

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अयोध्या और उत्तर प्रदेश में भक्ति की लहर

राम नगरी अयोध्या में भी नवरात्रि की धूम है. यहां स्थित बड़ी देवकाली मंदिर में सुबह से ही भक्तों का आना जाना लगा हुआ है. धार्मिक मान्यता है कि यहां पूजा करने से मां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों जैसे वाराणसी और लखनऊ के देवी मंदिरों में भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोग माता के दर्शन कर रहे हैं.

अहमदाबाद: बहुचरा माता मंदिर में विशेष पूजा

गुजरात के अहमदाबाद में चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन भक्तों ने बहुचरा माता मंदिर में शीश नवाया. यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां स्कंदमाता की आराधना की गई. स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोगों ने भी माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की.

मां स्कंदमाता का महत्व और स्वरूप

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं. उनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, जो मातृत्व और करुणा का प्रतीक है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और साधक को मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन सफेद रंग का विशेष महत्व माना गया है, जो शांति और शुद्धता का प्रतीक है.

9 दिनों तक होती है पूजा

गौरतलब है कि चैत्र नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है. इनमें प्रमुख रूप से शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री शामिल हैं. इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से घटस्थापना करते हैं, अखंड ज्योति जलाते हैं और अष्टमी व नवमी के दिन विशेष रूप से कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है.

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