Bail Pola 2025 Messages in Marathi: भारत, जीवंत परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का देश है, अपनी कृषि परंपरा को सम्मानित करने के लिए अनेक अनूठे त्योहारों को मनाता है. इन्हीं में से एक है बैल पोला, जो मुख्यतः महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के कुछ ग्रामीण इलाकों में हर्षोल्लास से मनाया जाता है. यह पर्व भारतीय कृषि के मौन नायकों बैलों को समर्पित है. इस दिन किसान उन बैलों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करते हैं, जो खेत जोतने, भार वहन करने और दिन-रात मेहनत में उनके सच्चे साथी होते हैं. बैल पोला केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं, बल्कि यह किसानों और उनके मवेशियों के बीच के गहरे भावनात्मक संबंध का प्रतीक है. यह पर्व संस्कृति, परंपरा और कृषि का एक सुंदर संगम प्रस्तुत करता है. जहाँ सम्मान, सेवा और सहअस्तित्व की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है. यह भी पढ़ें: Bail Pola 2025: क्या है बैल पोला का पर्व? जानें इस दिन किसकी पूजा होती है, क्या है इसका महत्व, सेलिब्रेशन एवं पौराणिक कथा इत्यादि!
"बैल" शब्द का अर्थ बैल है, वहीं "पोला" किसी त्योहार या उत्सव का संकेत देता है. बैल पोला की परंपरा भारत की कृषि प्रधान जीवनशैली में गहराई से जड़ें जमाए हुए है. प्राचीन काल में जब कृषि का अधिकांश कार्य बैलों की मदद से ही होता था. चाहे वह जुताई हो या परिवहन, बैल किसानों की आजीविका के अभिन्न अंग थे. ऐसे में यह त्योहार, उनके श्रम, शक्ति और निष्ठा को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाने लगा. ऐसा माना जाता है कि बैल पोला उत्सव की शुरुआत सदियों पहले हुई थी, ताकि मानव समाज बैलों की सहनशक्ति, समर्पण और योगदान को औपचारिक रूप से स्वीकार कर सके. ऐसे में आप भी इन मराठी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर मराठी में बैल पोला की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1. बैल पोळ्याचा हा सण
सर्जा राजाचा हा दिन
बळीराजा संगे जो राबतो रात-दिन
सांग आम्हा कसे फेडावे तुझे हे ऋण
बैल पोळा सणाच्या सर्वांना हार्दिक शुभेच्छा!

2. बाकदार पाठीवरती
झूल मखमली बसवा
गळ्यात घंटणी माळा
पायात घुंगरांच्या वाळा
आज आहे सण पोळा
सर्जा राजाला ओवाळा
बैल पोळा सणाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

3. जिवा शिवाची बैल जोडं,
लाविल पैजंला आपली कुडं,
आला त्यांचा सण खास,
बैल पोळ्याच्या शुभेच्छा!

4. झुलं,शेंब्या,चाळ, घुंगरं…,
तिफन, कुळव, शिवाळ,
शेती अवजारांचा आज थाट,
औताला सुट्टी, सर्जा- राजा आनंदात,
शेतकरी बांधवांना बैलपोळाच्या शुभेच्छा!

यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि जानवर भी इंसानों की तरह सम्मान, देखभाल और विश्राम के अधिकारी हैं. बैल पोला केवल एक रस्म नहीं, बल्कि किसान और पशु के बीच के भावनात्मक संबंध को सजीव रूप से दर्शाने वाला पर्व है, जो करुणा, कृतज्ञता और सहअस्तित्व की भावना को आगे बढ़ाता है.













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