Anant Chaturdashi 2025 Messages: अनंत चतुर्दशी की बधाई! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photos
कहा जाता है कि अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर गणपति बप्पा उनके सभी संकटों को हर लेते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं. पूरे दस दिन तक गणपति बप्पा की उपासना करने के बाद अनंत चतुर्दशी को भक्त उन्हें विदा करते हैं. इस दौरान गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए जाते हैं. ऐसे में आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटोज के जरिए अनंत चतुर्दशी की बधाई दे सकते हैं.
Anant Chaturdashi 2025 Messages in Hindi: इस साल भक्तों ने 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के दिन भगवान शिव (Bhagwan Shiv) और माता पार्वती (Mata Parvati) के लाड़ले पुत्र भगवान गणेश जी (Bhagwan Ganesh) का धूमधाम से स्वागत किया था, इसी के साथ देशभर में दस दिवसीय गणेशोत्सव धूम मच गई थी और आज यानी 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी मनाई जा रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पर्व मनाया जाता है, जबकि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा (Ganpati Bappa) फिर से कैलाश लौट जाते हैं. गणेशोत्सव के दौरान हर तरफ 'गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया' के जयकारे सुनाई देते हैं और हर कोई गणेश जी की भक्ति में सराबोर नजर आता है.
कहा जाता है कि अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर गणपति बप्पा उनके सभी संकटों को हर लेते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं. पूरे दस दिन तक गणपति बप्पा की उपासना करने के बाद अनंत चतुर्दशी को भक्त उन्हें विदा करते हैं. इस दौरान गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए जाते हैं. ऐसे में आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटोज के जरिए अनंत चतुर्दशी की बधाई दे सकते हैं.




गणपति बप्पा की उपासना के दस दिवसीय पर्व गणेशोत्सव से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से महर्षि वेदव्यास ने भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनाना प्रारंभ किया था और गणेश जी लगातार दस दिनों तक महाभारत की कथा लिखते रहे. दसवें दिन जब कथा संपन्न हुई तो गणेश जी के शरीर का तापमान काफी बढ़ गया था, जिसके बाद महर्षि वेदव्यास जी ने उन्हें तालाब में स्नान कराया था. तालाब में स्नान करने के बाद उनके शरीर का तापमान नियंत्रित हुआ. कहा जाता है कि गणेश जी ने अनंत चतुर्दशी के दिन तालाब में स्नान किया था, इसलिए हर साल अनंत चतुर्दशी के दिन उनकी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

