Amalaki Ekadashi 2025 Wishes: आमलकी एकादशी के इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

Amalaki Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में सभी व्रतों में एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) का विशेष महत्व बताया गया है, जो जगत के पालनहार भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) की अत्यंत प्रिय तिथि है. इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, साथ ही जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) के नाम से जाना जाता है. इस दिन श्रीहरि के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है. आंवला भगवान विष्णु का प्रिय फल है, इसलिए इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधान बताया गया है. इस साल उदयातिथि के हिसाब से आमलकी एकादशी 10 मार्च 2025 को मनाई जा रही है.

आमलकी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और श्रीहरि की कृपा से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही इस व्रत के प्रभाव से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि व स्वास्थ्य की भी वृद्धि होती है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर प्रियजनों को आमलकी एकादशी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- श्रद्धापूर्वक की हुई इस एकादशी से,
आपके पूर्व जन्म के सभी पाप मिट जाते हैं,
और एक हजार गौ दान के समान,
पुण्य फलों की प्राप्ति होती है...
शुभ आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

2- हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान विष्णु
आपके जीवन में आने वाली
सभी बाधाओं को दूर करें और
आपकी सारी मनोकामना पूरी करें.
शुभ आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की
पूजा करने से सुख-समृद्धि मिलती है.
शुभ आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
शुभ आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- विष्णु जिनका नाम है,
बैकुंठ जिनका धाम है,
जगत के उस पालनहार को,
हमारा शत-शत प्रणाम है.
शुभ आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

आमलकी एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत्त होने के बाद पूरी श्रद्धा और निष्ठा से पूजा करनी चाहिए. घर के मंदिर में भगवान विष्णु की धूप, दीप, चंदन, फल, फूल, आंवला और तुलसी दल इत्यादि के साथ पूजा करनी चाहिए, फिर आंवले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और विष्णु के मंत्रों का जप करना चाहिए. आमलकी एकादशी के दिन व्रती को आंवले का सेवन जरूर करना चाहिए, फिर अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को अपनी श्रद्धा अनुसार किसी मंदिर या गरीब को दान-दक्षिणा देने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए.