Alvida Jumma Mubarak 2024 Wishes: अलविदा जुम्मा के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर अपनों को दें मुबारकबाद
हदीस के मुताबिक, रमजान के मुकद्दस महीने में इबादत और नेकी करने का 70 गुना ज्यादा सवाब मिलता है. खासकर, रमजान के आखिरी जुम्मे को मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है, जिसे अलविदा जुम्मा भी कहा जाता है. जमात-उल-विदा यानी रमजान के आखिरी जुमे पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को अलविदा जुम्मा की मुबारकबाद दे सकते हैं.
Alvida Jumma Mubarak 2024 Wishes in Hindi: रमजान (Ramzan) का पाक महीना इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौंवा महीना होता है, जिसका खास महत्व बताया जाता है. रमजान के मुकद्दस महीने में दुनिया भर के मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में अपना ज्यादा समय बिताते हैं. रमजान के 29 या 30 रोजे के बाद जब शव्वाल का चांद नजर आता है तो पहली शव्वाल (Shawwal) को रमजान ईद (Ramzan Eid) मनाई जाती है, जिसे ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr), ईद-अल-फितर (Eid-al-Fitr) या मीठी ईद (Meethi Eid) के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि ईद से पहले रमजान के दौरान जमात-उल-विदा (Jamat ul Vida) यानी आखिरी जुम्मे (Aakhiri Jumma) की नमाज का विशेष महत्व बताया जाता है. 'जमात-उल-विदा' एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ है जुम्मे की विदाई यानि रमजान का आखिरी शुक्रवार या जुम्मा. इस्लाम धर्म में जुम्मा यानी शुक्रवार का दिन बेहद खास होता है और रमजान के आखिरी जुम्मे का महत्व काफी ज्यादा बताया जाता है.
हदीस के मुताबिक, रमजान के मुकद्दस महीने में इबादत और नेकी करने का 70 गुना ज्यादा सवाब मिलता है. खासकर, रमजान के आखिरी जुम्मे को मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है, जिसे अलविदा जुम्मा भी कहा जाता है. जमात-उल-विदा यानी रमजान के आखिरी जुमे पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को अलविदा जुम्मा की मुबारकबाद दे सकते हैं.

2- वो अर्श का चरागाह है,
मैं उस के कदमों की धूल हूं,
ऐ जिंदगी गवाह रहना,
मैं गुलाम-ए-रसूल हूं.
अलविदा जुम्मा मुबारक

3- अंधेरों को नूर देता है जिक्र उसका,
दिल को सुरूर देता है,
उसके दर पर जो भी मांगो,
वह अल्लाह है जरूर देता है.
अलविदा जुम्मा मुबारक

4- मेरे दिल का नगीना है,
वो मेरे दिल में रहते हैं,
मेरा दिल एक मदीना है,
अलविदा माहे रमजान.
अलविदा जुम्मा मुबारक

5- आपके चेहरे पर हंसी सदा रहे,
मेरा हर लफ्ज आपके लिए दुआ रहे,
जिंदगी में पाओ खुशी हर कदम पर,
दुनिया का हर गम सदा रहे दूर आपसे.
अलविदा जुम्मा मुबारक

गौरतलब है कि रमजान में 30 दिनों तक यानी करीब 4 हफ्ते तक रोजे रखे जाते हैं. इन चार हफ्तों में जुम्मा तीन-चार बार आता है, लेकिन आखिरी जुमा ही खास माना जाता है. इस साल देश में अलविदा जुम्मा 05 अप्रैल 2024 को मनाया जा रहा है. बता दें कि इस साल रमजान के मुकद्दस महीने की शुरुआत 11 मार्च 2024 से हुई है और 10 अप्रैल को ईद-उल-फितर मनाए जाने की उम्मीद की जा रही है, लेकिन चांद के दीदार के अनुसार ही ईद की सही तिथि निर्धारित हो पाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2024 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

