Zomato डिलीवरी बॉय को देनी होगी 8 लाख की एलिमनी, कोर्ट के फैसले पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एलिमनी का एक नया मामला सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा बटोरी. एक महिला ने अपने जोमैटो डिलीवरी बॉय पति से 20 लाख रुपये की एलिमनी (गुजारा भत्ता) की मांग की. अदालत में सुनवाई के बाद जजों ने इस पर सख्त सवाल उठाए और अंत में 8 लाख रुपये की एकमुश्त एलीमनी (Alimony) देने का फैसला सुनाया. मामला उस समय चर्चा में आया जब एक ग्रेजुएट महिला ने अपने पति से एलिमनी में 20 लाख रुपये की मांग की. पति पेशे से एक Zomato डिलीवरी बॉय है. महिला का कहना था कि वह आगे पढ़ाई जारी रखना चाहती है और इसलिए इतनी बड़ी रकम की मांग कर रही है.

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जज जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने महिला से पूछा, “किसने कहा आपको 20 लाख मांगने को?” इसके जवाब में महिला ने कहा, “सर, ये Zomato में काम ठीक से नहीं करते. मुझे पढ़ाई करनी है.”

जज ने क्या कहा?

जज ने सख्त लहजे में कहा, “देखिए, ये सौदेबाजी अच्छी नहीं है. एक साल में ही शादी खत्म हो गई?” कोर्ट ने महिला की मांग को अनुचित बताते हुए 8 लाख रुपये की एलिमनी मंजूर की.

सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं यूजर्स

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कई यूजर्स ने पूछा कि एक डिलीवरी बॉय इतनी बड़ी रकम कैसे चुका पाएगा? एक यूजर ने लिखा, “डिलीवरी बॉय की सैलरी अधिकतम 25 हजार महीना होगी. 8 लाख कमाने में 3 साल लग जाएंगे.” दूसरे ने लिखा, “Zomato डिलीवरी से तेज तो सुप्रीम कोर्ट ने अलिमनी डिलीवर कर दी!” एक अन्य यूजर ने कहा, “शादी एक साल की और एलिमनी लाखों में ये तो मजाक है.”

एलिमनी कानून को लेकर उठे सवाल

इस मामले के बाद एक बार फिर एलिमनी के कानून को लेकर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने कहा कि एक साल की शादी के लिए इतनी बड़ी रकम देना उचित नहीं है. कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि छोटी अवधि की शादी में केवल मेंटेनेंस का प्रावधान होना चाहिए, न कि भारी-भरकम रकम का.