Year Ender 2020: Rafale विमान से लेकर MH-60 Romeo हेलीकॉप्टर्स तक, रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भारत ने किए ये महत्वपूर्ण डील
देश के भीतर जहां पर कोरोना वायरस के कारण साल 2020 में टेंशन रहा. वहीं सीमा पर भी तनाव भरा रहा ये साल. एक तरफ पाकिस्तान तो दूसरी तरफ चीन के साथ ये साल तनाव भरा रहा. चीन ने LAC पर अपनी नापाक हरकतों से जता दिया कि उसकी मंशा भारत के प्रति ठीक नहीं है. लेकिन गलवान घाटी में चीनी सेना की कायरता के बाद भारत ने उसे सब सिखाने के फैसला कर लिया. यही कारण है कि LAC पर इस हाड़ गला देने वाली ठंड में भी चीनी सेना के सामने डटी हुई है. इसी बीच भारत ने अपनी सामरिक ताकत को पहले से अब और भी मजबूत कर लिया है. इस वक्त भारतीय सेना के पास दुनिया के सबसे घातक हथियार है. जो दुश्मन मुल्क को थर्रा देने में माहिर हैं. वहीं, चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा करने सिलसिला अब भी जारी है.
नई दिल्ली:- देश के भीतर जहां पर कोरोना वायरस के कारण साल 2020 में टेंशन रहा. वहीं सीमा पर भी तनाव भरा रहा ये साल. एक तरफ पाकिस्तान तो दूसरी तरफ चीन के साथ ये साल तनाव भरा रहा. चीन ने LAC पर अपनी नापाक हरकतों से जता दिया कि उसकी मंशा भारत के प्रति ठीक नहीं है. लेकिन गलवान घाटी में चीनी सेना की कायरता के बाद भारत ने उसे सब सिखाने का फैसला कर लिया. यही कारण है कि LAC पर इस हाड़ गला देने वाली ठंड में भी चीनी सेना के सामने डटी हुई है. इसी बीच भारत ने अपनी सामरिक ताकत को पहले से अब और भी मजबूत कर लिया है. इस वक्त भारतीय सेना के पास दुनिया के सबसे घातक हथियार है. जो दुश्मन मुल्क को थर्रा देने में माहिर हैं. वहीं, चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा करने का सिलसिला अब भी जारी रखा है.
बता दें कि इसी साल में रक्षा मंत्रालय ने सेना के तीनों अंगों के लिए 28,000 करोड़ रुपये की लागत से हथियार और सैन्य उपकरण की खरीद को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी साल में भारत राफेल की पहली खेप पहुंची. उसके साथ भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए अमेरिका (America) से खरीदे जाने वाले एमएच-60 रोमियो (MH-60 Romeo) मल्टीरोल हेलिकॉप्टर का सौदा हुआ. भारत रक्षा उपकरणों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक है. आइये एक नजर डालते हैं साल 2020 में हुए डील पर.
राफेल:- फ्रांस से भारत के लिए रवाना हुई राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान की पहली खेप 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर पहुंची थी. उसके बाद राफेल की दूसरी खेप 4 नवंबर को फ्रांस से उड़ान भरने के बाद तीन राफेल लड़ाकू विमानों की दूसरी खेप आज सीधे गुजरात के जामनगर एयरबेस पहुंची थी. हाल ही में वायुसेना में शामिल राफेल विमान पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में ड्यूटी पर हैं. राफेल फाइटर जेट भारत आ रहे हैं. इन्हें गोल्डन एरो 17 स्कॉड्रन में शामिल किया गया. Year Ender 2020: साल 2020 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत इन नेताओं ने संसार को कहा अलविदा
MH-60 Romeo:- भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए अमेरिका (America) से खरीदे जाने वाले एमएच-60 रोमियो (MH-60 Romeo) मल्टीरोल हेलिकॉप्टर का सौदा अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ किया गया है. 2.6 अरब डॉलर की कीमत में ऐसे 24 हेलिकॉप्टरों की खरीदा जाएगा. एमएच-60 रोमियो पानी के भीतर घात लगाकर बैठे पनडुब्बियों को पता लगाने में माहिर है. नेवी को मिलने वाले एमएच-60 रोमियो घातक मिसाइलों और तारपीडो से भी लैस होंगे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान इस डील पर मुहर लगी थी.
INS Kavaratti:- पनडुब्बी रोधी प्रणाली से लैस स्वदेशी आईएनएस कवरत्ती को 22 अक्टूबर को विशाखापत्तनम में नौसेना डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था. INS कवरत्ती 4 स्वदेशी निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर स्टील्थ कार्वेट में से एक है. प्रोजेक्ट 17 ए फ्रिगेट आईएनएस हिमगिरि 14 दिसंबर को एक शानदार कार्यक्रम में कोलकाता के जीआरएसई यार्ड में लॉन्च किया गया था.
Sig Sauer Assault Rifles:- केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने इस साल सितंबर में लगभग 780 करोड़ रुपये की लागत से अमेरिका से 72,000 सिग सोर असॉल्ट राइफल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. भारतीय सेना की सीमा पर तैनात सैनिकों इससे लैस करने के लिए यह निर्णय लिया गया था. सिग सॉर आधुनिक असॉल्ट राइफल हैं. इसका 16 इंच का बैरल है और कैलिबर 7.22 एमएम है. जबकि इंसास का कैलिबर 5.56 एमएम है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2020 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

