सोने की कीमतें 1 लाख रुपये के पार, जानिए क्यों बढ़ रहा है Gold का भाव?

भारत में सोने की कीमतें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई हैं, जिसकी वजह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, रुपये की कमजोरी, ब्याज दरों में गिरावट और शादी-ब्याह की बढ़ती मांग है. कई विशेषज्ञों का मानना है, कि सोने में यह तेजी फिलहाल जारी रह सकती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भारत में सोने की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. एक समय था जब सोना 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिकता था, लेकिन अब यह आंकड़ा 1 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है. यह अचानक हुई तेजी आम लोगों से लेकर निवेशकों तक, सभी के लिए चर्चा का विषय बन चुकी है.

तो आखिर सोना इतना महंगा क्यों हो गया है? आइए समझते हैं, इस बढ़त के पीछे के प्रमुख कारण:

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और मंदी की आशंका

दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध ने वैश्विक बाजार में भारी तनाव पैदा किया है. जब देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते खराब होते हैं, तो निवेशकों को लगता है, कि शेयर बाजार और अन्य निवेश साधन जोखिमभरे हो सकते हैं. ऐसे में वह सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करते हैं, और सोना उन्हें सबसे भरोसेमंद निवेश नजर आता है. इसी कारण सोने की मांग तेजी से बढ़ती है, जिससे इसकी कीमतें भी ऊपर जाती हैं.

केंद्रीय बैंकों की भारी सोने की खरीदारी

दुनियाभर के कई देशों के केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता घटाकर सोना खरीद रहे हैं. खासकर रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद, कई देशों ने सोने को अपनी मुद्रा की सुरक्षा के लिए चुना है. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ी है, और कीमतों में इजाफा हुआ है.

भारतीय रुपये की कमजोरी

भारत में सोना बाहर के देशों से खरीदा जाता है, यानी यह आयात होता है. जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है. अभी रुपये में लगभग 4% की गिरावट देखी गई है. जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है. डॉलर में सोने की कीमत भले स्थिर हो, लेकिन भारतीय करेंसी कमजोर होने से हमें ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं. भारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए हर छोटा बदलाव कीमतों को प्रभावित करता है.

गिरती ब्याज दरें

जब बैंक ब्याज दरें घटाते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) जैसे सुरक्षित निवेशों से मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है. ऐसे में लोग सोने की ओर रुख करते हैं, क्योंकि यह न केवल सुरक्षित होता है, बल्कि लंबे समय में अच्छा रिटर्न भी देता है.

शादी-ब्याह का सीजन और गहनों की मांग

भारत में शादियों का सीजन चल रहा है. ऐसे समय में सोने की पारंपरिक मांग काफी बढ़ जाती है. लोग गहनों के लिए भले ही कीमतें बढ़ गई हों, लेकिन खरीदारी करना नहीं छोड़ते है. यही कारण है, कि डिमांड और भी बढ़ जाती है, और कीमतें ऊपर जाती हैं.

क्या आगे भी सोना महंगा होगा?

रिपोर्ट के मुताबिक, कई विशेषज्ञों का मानना है, कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता, रुपये की कमजोरी और ब्याज दरें कम बनी रहेंगी, तब तक सोने की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है. इसके अलावा, अगर बाजार में फिर कोई बड़ा झटका आता है, तो निवेशक फिर से सोने की ओर दौड़ सकते हैं.

सोने की कीमतों में आई यह तेजी सिर्फ एक बाजार ट्रेंड नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गंभीर आर्थिक और राजनीतिक कारण हैं. निवेशकों के लिए सोना आज भी एक मजबूत, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है, चाहे कीमतें जितनी भी ऊंची क्यों न हों.

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