देश

राजेंद्र पांचाल कौन हैं? जिनका मजाक उड़ा रहे विदेशी, सोशल मीडिया पर वायरल इस चेहरे के पीछे छिपी है एक रुला देने वाली कहानी

महाराष्ट्र के मजदूर राजेंद्र पांचाल का जबड़ा बचपन की चोट के कारण 38 साल तक बंद था, जिसे 2017 में सर्जरी के जरिए ठीक किया गया. अब सोशल मीडिया पर कुछ विदेशी यूजर्स उनकी बीमारी वाली पुरानी फोटो शेयर कर भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी (Racist) कमेंट्स कर रहे हैं. यह नफरत भारतीय और विदेशी ट्रोल्स की आपसी ऑनलाइन लड़ाई का नतीजा है, जिस पर सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है.

राजेंद्र पांचाल कौन हैं? जिनका मजाक उड़ा रहे विदेशी, सोशल मीडिया पर वायरल इस चेहरे के पीछे छिपी है एक रुला देने वाली कहानी
38 साल तक बंद था जबड़ा, अब विदेशी उड़ा रहे मजाक: जानिए राजेंद्र की दर्दनाक कहानी (Photo : X)

Who is Rajendra Panchal? सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फोटो बहुत तेजी से वायरल हो रही है. इस फोटो में एक शख्स नजर आ रहा है जिसका जबड़ा पूरी तरह से बंद है. कई विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स, खासकर अमेरिकी यूजर्स, इस फोटो को शेयर कर रहे हैं और इसका मजाक उड़ा रहे हैं. वो इस तस्वीर के बहाने भारतीयों को "गंदा", "भिखारी" और "बेकार" जैसे नस्लवादी (रेसिस्ट) कमेंट्स कर रहे हैं.

लेकिन, सच्चाई यह है कि यह फोटो किसी रैंडम इंसान की नहीं, बल्कि एक मजदूर की है जिसने अपनी जिंदगी में बहुत दर्द सहा है. आइए जानते हैं कि आखिर माजरा क्या है.

कौन हैं राजेंद्र पांचाल और उनके साथ क्या हुआ था?

जिस शख्स की फोटो वायरल हो रही है, उनका नाम राजेंद्र पांचाल है. वो महाराष्ट्र के रहने वाले एक गरीब मजदूर हैं. उनकी कहानी बहुत दुखद है:

  • बचपन का हादसा: जब राजेंद्र सिर्फ 1 साल के थे, तो खेलते समय मुंह के बल गिर गए थे. इस चोट से उनका जबड़ा टूट गया और गलत जुड़ने की वजह से 'लॉक' (Fuse) हो गया.

  • 38 साल का दर्द: घर में गरीबी थी, इसलिए इलाज नहीं हो सका. इसका नतीजा यह हुआ कि 38 साल तक राजेंद्र ने कभी रोटी या चावल नहीं खाया. वो सिर्फ तरल चीजें (Liquid) जैसे दूध, जूस या पतला दलिया ही ले पाते थे.

  • समाज का ताना: लोग उनका अजीब चेहरा देखकर मजाक उड़ाते थे, जिससे वो डिप्रेशन में चले गए थे. वो लोगों से कम मिलते थे और बहुत शर्माते थे.

rajendra panchal

फिर बदली राजेंद्र की जिंदगी

साल 2017 में राजेंद्र की किस्मत बदली. पुणे के डॉ. गार्डे ने उनकी हालत देखी और फ्री में उनका ऑपरेशन किया. 39 साल के बाद पहली बार राजेंद्र ने ठोस खाना खाया और साफ-साफ बोलना शुरू किया. आज राजेंद्र बिल्कुल ठीक हैं, खाना खा रहे हैं और खुश हैं.

फोटो का गंदा इस्तेमाल क्यों हो रहा है?

दिक्कत यह है कि विदेशी यूजर्स राजेंद्र की ऑपरेशन से पहले की (पुरानी) फोटो निकालकर वायरल कर रहे हैं.

  1. नस्लवादी हमला: वो यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि "देखो भारतीय ऐसे दिखते हैं". एक गरीब और बीमार इंसान की मजबूरी का इस्तेमाल पूरे देश को नीचा दिखाने के लिए किया जा रहा है.

  2. नफरत का चक्र: इसमें गलती हमारे यहां के कुछ तथाकथित "सोशल मीडिया देशभक्तों" की भी है. भारत के कुछ अकाउंट्स विदेशियों को गालियां देते हैं और ट्रोल करते हैं. इसके जवाब में विदेशी अकाउंट्स पूरे हिंदुस्तान को टारगेट करते हैं और राजेंद्र जैसी फोटो का इस्तेमाल हथियार की तरह करते हैं. यानी कुछ लोगों की बदतमीजी की सजा पूरे देश को मिल रही है.

    राजेंद्र पांचाल आज अपनी नई जिंदगी में खुश हैं. लेकिन उनकी पुरानी तकलीफ और गरीबी का मजाक उड़ाकर पूरे भारत को अपमानित करना बेहद शर्मनाक है. यह सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि ऑनलाइन नफरत की एक गंदी सच्चाई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2025 10:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).