Western Railway Namaste Campaign: यात्रियों के बढ़ते दुर्व्यवहार और बिना टिकट यात्रा पर लगाम लगाने के लिए वेस्टर्न रेलवे की बड़ी पहल; शुरू किया ‘नमस्ते अभियान’
(Photo Credits Twitter)

Western Railway Namaste Campaign: यात्रियों के बढ़ते दुर्व्यवहार और बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए वेस्टर्न रेलवे (WR) ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसका नाम है ‘नमस्ते अभियान’. इस पहल का उद्देश्य है टिकट जांच प्रणाली को अधिक प्रभावी और सम्मानजनक बनाना, ताकि यात्रियों के साथ सौम्य व्यवहार करते हुए सख्ती से नियमों का पालन कराया जा सके.

बोरीवली स्टेशन से हुई ‘नमस्ते अभियान’ की शुरुआत

बुधवार को इस अभियान की पहली कार्रवाई बोरीवली स्टेशन पर की गई. अभियान के तहत 300 टिकट चेकर्स (टीसी) और 50 पुलिसकर्मी — जिनमें 30 रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और 20 राज्य पुलिस बल (GRP) के जवान शामिल थे ने एक साथ कार्रवाई की.

बिना टिकट 5,192 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने मीडिया से बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के दौरान कुल 5,192 लोगों के खिलाफ बिना टिकट को लेकर कार्रवाई की गई, जिससे रेलवे को 13.5 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.

क्या है ‘नमस्ते अभियान’?

‘नमस्ते अभियान’ वेस्टर्न रेलवे की एक जनोन्मुखी और नवाचारी पहल है, जिसका मकसद टिकट निरीक्षण व्यवस्था को तकनीक से लैस, अनुशासित और सम्मानजनक बनाना है.

अभियान से जुड़े अन्य डिटेल्स

इस अभियान के अंतर्गत टिकट जांच कर्मियों को बॉडी कैमरा और स्पीकर जैसी तकनीकों से लैस किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता, सुरक्षा और यात्रियों से बेहतर संवाद सुनिश्चित हो सके। रेलवे का कहना है कि अब बिना टिकट यात्रा पर ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) बरती जाएगी.

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

दरअसल पिछले एक सप्ताह में दो महत्वपूर्ण घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी. पहली घटना चर्चगेट से विरार की फास्ट लोकल में हुई, जहां टिकट जांच के दौरान एक यात्री ने TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) के साथ मारपीट की और रेलवे के पीसीयू सहित अन्य सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया.

दूसरी घटना दादर स्टेशन पर

दूसरी घटना दादर स्टेशन पर हुई, जब एक महिला यात्री से टिकट दिखाने का अनुरोध करने पर उसने TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) से बहस शुरू कर दी और स्टेशन पर ही हंगामा किया.

इन घटनाओं को देखते हुए वेस्टर्न रेलवे ने यह अभियान शुरू किया है ताकि बिना टिकट यात्रा करने वालों को रोका जा सके और टिकट जांच कर्मियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित की जा सके. रेलवे का मानना है कि इस अभियान के जरिए न केवल नियमों का पालन बढ़ेगा, बल्कि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच विश्वास और सम्मान का माहौल भी बनेगा.