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West Bengal Teacher Scam: CBI गिरफ्तार तृणमूल एमएलए जीबन कृष्ण साहा के 10 बैंक खातों पर लगाई रोक

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के विधायक जीबन कृष्ण साहा के 10 बैंक खातों पर रोक लगा दी है.

West Bengal Teacher Scam: CBI गिरफ्तार तृणमूल एमएलए जीबन कृष्ण साहा के 10 बैंक खातों पर लगाई रोक
Teacher Scam (Photo Credit: IANS)

कोलकाता, 19 अप्रैल: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के विधायक जीबन कृष्ण साहा के 10 बैंक खातों पर रोक लगा दी है. सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी अब तक 12 बैंक खातों का पता लगाने में सफल रहे हैं, जिनमें से चार गिरफ्तार विधायक के नाम पर, तीन उनकी पत्नी तोगोरी साहा के नाम पर और शेष पांच संयुक्त रूप से साहा दंपती के नाम पर हैं. सीबीआई के एक सहयोगी ने कहा, इन 12 बैंक खातों में से 10 को फ्रीज कर दिया गया है और बाकी दो को जल्द ही फ्रीज कर दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: Crowdfunding Case: SC ने क्राउडफंडिंग मामले में तृणमूल के गुजरात प्रवक्ता साकेत गोखले को जमानत दी

सीबीआई द्वारा खोजे गए 12 बैंक खातों में से आठ मुर्शिदाबाद जिले की बैंक शाखाओं में हैं, जहां से साहा विधायक हैं और शेष बीरभूम जिले में हैं. सूत्रों ने कहा कि अगले चरण में, जिन बैंक शाखाओं में ये खाते हैं, उनके अधिकारियों को इन खातों से डेबिट और क्रेडिट लेनदेन के विवरण के लिए सीबीआई द्वारा बुलाया जाएगा.

इस बीच, सीबीआई वर्तमान में बीरभूम जिले के विभिन्न हिस्सों में जमीन, आवासीय फ्लैट और तेल मिलों के रूप में बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए धन के स्रोतों पर साहा से पूछताछ कर रही है. सूत्रों ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी इस बात को लेकर भी काफी हैरान थे कि गिरफ्तार विधायक ने उसी संपत्ति के मौजूदा बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर ऐसी संपत्ति कैसे खरीदी.

इस संबंध में, सीबीआई ने साह के तौर-तरीकों और तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता और पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष, अनुब्रत मंडल के तौर-तरीकों में गजब की समानता देखी है. मंडल करोड़ों रुपए के मवेशी तस्करी घोटाले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. उस मामले में भी, सीबीआई ने मंडल और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर बड़ी संपत्ति का पता लगाया था जो प्रचलित बाजार दरों की तुलना में बहुत कम कीमतों पर खरीदी गई थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2023 04:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).