West Asia Crisis: पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई अहम बात; भारत ने 'तनाव कम करने और शांति बहाली' का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर चर्चा की है. पीएम मोदी ने शांति बहाली और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते सैन्य संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार, 24 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से फोन पर बात की. इस महत्वपूर्ण संवाद के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) ने क्षेत्र में तत्काल तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाली के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया. दोनों नेताओं ने मौजूदा स्थिति के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की और शांति प्रयासों के लिए निरंतर संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की. यह भी पढ़ें: US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी; '48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलें वरना तबाह कर देंगे पावर प्लांट'

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समुद्री मार्ग को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखना पूरी दुनिया के लिए अनिवार्य है. उल्लेखनीय है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, और यहाँ किसी भी प्रकार का अवरोध विश्व अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता है.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ. भारत जल्द से जल्द शांति की बहाली का समर्थन करता है. होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखना वैश्विक हित में है.'

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई अहम बात

संघर्ष की पृष्ठभूमि और वैश्विक चिंता

यह उच्च स्तरीय बातचीत उस संघर्ष के बीच हुई है जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेज हो गया था. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद तनाव चरम पर पहुँच गया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. इस अस्थिरता ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया है और ऊर्जा की कीमतें अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई हैं. यह भी पढ़ें: मध्य पूर्व में भारी तनाव: इजरायल ने ईरान के 'साउथ पार्स' गैस फील्ड पर किया हमला, ट्रंप प्रशासन की मंजूरी के बाद बढ़ी क्षेत्रीय युद्ध की आशंका (Watch Video)

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी

राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच यह संवाद दोनों देशों के मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है. पिछले साल नवंबर में ट्रंप ने 'क्वाड समिट' (Quad Summit) के सिलसिले में भारत यात्रा की इच्छा जताई थी. भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह समूह 'इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र में रणनीतिक समन्वय का एक प्रमुख मंच बन चुका है.

विदेश मंत्रियों के स्तर पर भी चर्चा जारी

प्रधानमंत्री की बातचीत से एक दिन पहले, सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी फोन पर विस्तार से चर्चा की थी. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट के अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दोनों पक्ष आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हैं.

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