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हम भारतीय हैं, हमारे कर्मचारी भी भारतीय हैं; दिल्ली हाई कोर्ट में तुर्की की कंपनी Celebi Aviation की दलील

दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को सेलबी एविएशन सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Celebi Aviation) ने खुद को भारतीय कंपनी बताते हुए केंद्र सरकार के सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले को चुनौती दी.

हम भारतीय हैं, हमारे कर्मचारी भी भारतीय हैं; दिल्ली हाई कोर्ट में तुर्की की कंपनी Celebi Aviation की दलील
Representational Image | PTI

दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को सेलबी एविएशन सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Celebi Aviation) ने खुद को भारतीय कंपनी बताते हुए केंद्र सरकार के सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले को चुनौती दी. कंपनी की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि सेलबी पिछले 17 सालों से भारत में बिना किसी विवाद के काम कर रही है, और अचानक यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.

तुर्की की कंपनी Celebi ने भारत सरकार के फैसले को कोर्ट में दी चुनौती; कहा- इससे 3,791 नौकरियों पर संकट.

कोर्ट में पेश होकर मुकुल रोहतगी ने साफ शब्दों में कहा, “हम भारतीय हैं. हमारे कर्मचारी भारतीय हैं. हम न तो ड्यूटी फ्री शॉप चलाते हैं, न ही कोई संदिग्ध गतिविधि करते हैं. हम केवल यात्रियों और सामान को हैंडल करते हैं.” कंपनी ने दावा किया कि बिना किसी नोटिस या आरोप की जानकारी दिए सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई, जिससे उनके एयरपोर्ट ऑपरेटर्स से कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो रहे हैं और 10,000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है.

"अगर तुर्की से जुड़े लोग समस्या हैं, तो उन्हें हटा देंगे"

हाईकोर्ट की बेंच ने पूछा कि क्या नियमों के तहत सरकार को दस्तावेज साझा करने का आदेश दिया जा सकता है. इस पर रोहतगी ने कहा, “अगर समस्या तुर्की से जुड़े कुछ लोगों की है, तो मैं उन्हें बदल देता. लेकिन हमें बताया ही नहीं गया कि गलती क्या थी. कैसे अपनी सफाई दें?” उन्होंने एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 और 2011 के तहत Rule 12 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी बड़ी कार्रवाई करने से पहले सुनवाई देना अनिवार्य है.

केंद्र सरकार की दलील "राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि"

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लिया गया है. उन्होंने कहा, “दुश्मन को केवल एक बार सफल होना होता है, सुरक्षा एजेंसियों को हर बार. अगर कोई खतरा है, तो उसे रोका जाना चाहिए. इसलिए सेलबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द की गई.” सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-से “इनपुट्स” के आधार पर यह कदम उठाया गया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में सावधानी सर्वोपरि होती है.

तुर्की ने किया था पाकिस्तान का समर्थन

गौरतलब है कि सेलबी एविएशन की मूल कंपनी तुर्की की है, और हाल ही में तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई की आलोचना की थी. इसके बाद से माना जा रहा है कि सरकार का यह फैसला राजनयिक और सुरक्षा कारणों से प्रेरित हो सकता है. हालांकि, कोर्ट में मुकुल रोहतगी ने इस राजनीतिक पक्ष को नहीं छेड़ा, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और कार्यवाही में पारदर्शिता की मांग की.

सेलबी का भारत में बड़ा कारोबार

सेलबी एविएशन भारत के 9 बड़े हवाई अड्डों पर कार्यरत है, जिनमें मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु प्रमुख हैं. हर साल लगभग 58,000 उड़ानों और 5.4 लाख टन कार्गो का प्रबंधन करती है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2025 07:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).