West Bengal DA Hike: बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, अंतरिम बजट में 4% डीए बढ़ोतरी का ऐलान

West Bengal DA Hike: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 4 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी रही. दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन सरकार ने इस राहत का ऐलान किया, उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने भी एक ऐतिहासिक फैसले में राज्य सरकार को कर्मचारियों का पुराना बकाया चुकाने का कड़ा निर्देश दिया.

बजट में कर्मचारियों-फ्रंटलाइन वर्कर्स को तोहफा

राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट भाषण के दौरान सरकारी कर्मचारियों के लिए डीए में 4% की वृद्धि का प्रस्ताव रखा. यह नई दर 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी. इसके अलावा सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए भी खजाना खोला है: यह भी पढ़े:  West Bengal Budget 2026: पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने पेश किया 4.06 लाख करोड़ का अंतरिम बजट, जन-कल्याणकारी योजनाओं पर रहा जोर

  • आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: इनके मासिक भत्ते में 1,000 रुपये की वृद्धि की गई है.

  • सिविक वॉलंटियर्स और ग्रीन पुलिस: इनके वेतन में भी 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है.

  • शिक्षक और पेंशनभोगी: डीए बढ़ोतरी का लाभ शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों और राज्य के पेंशनभोगियों को भी मिलेगा.

 11 साल का बकाया चुकाना होगा

बजट सत्र के बीच ही सुप्रीम कोर्ट से राज्य के करीब 20 लाख कर्मचारियों के लिए एक और बड़ी खबर आई. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ता (DA) कोई दान नहीं, बल्कि कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है. अदालत ने निर्देश दिया कि:

  1. 2008 से 2019 तक का लंबित डीए बकाया अनिवार्य रूप से चुकाया जाए.

  2. कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा 6 मार्च 2026 तक हर हाल में दिया जाए.

  3. पहली किस्त का भुगतान 31 मार्च 2026 तक सुनिश्चित किया जाए.

  4. बकाया राशि के निर्धारण के लिए पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है.

'लक्ष्मी भंडार' और 'युवा साथी' योजनाओं पर भी जोर

चुनावों से ठीक पहले पेश इस बजट में महिलाओं के लिए 'लक्ष्मी भंडार' योजना की राशि में 500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है. अब सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये मिलेंगे. साथ ही, (Banglar Yuva Sathi) नाम से नई योजना शुरू की गई है, जिसमें 21-40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को 1,500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा.

राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ममता सरकार का यह बजट 'जन-कल्याणकारी' छवि को मजबूत करने वाला माना जा रहा है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद करीब 41,000 करोड़ रुपये के संभावित बकाया बोझ ने राज्य सरकार के सामने वित्तीय संतुलन बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है.