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Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी मामले में आज आएगा फैसला, वाराणसी में धारा 144 लागू, जजमेंट से पहले पुख्ता सुरक्षा

तीन महीने से ज्यादा समय तक चली सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें दी हैं. हिंदू पक्ष की ओर से इस मामले को सुनवाई योग्य करार देने के लिए कई साक्ष्य प्रस्तुत किए गए.

Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी मामले में आज आएगा फैसला, वाराणसी में धारा 144 लागू, जजमेंट से पहले पुख्ता सुरक्षा

Gyanvapi Masjid Case: वाराणसी के श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी केस (Gyanvapi Masjid) में याचिका पर जिला कोर्ट में आगे सुनवाई होगी या नहीं, इस संबंध में सोमवार को फैसला आएगा. वहीं इस सुनवाई से पहले वाराणसी में धारा 144 (Section 144) लागू कर दी गई है. जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण ने 24 अगस्त को इस मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया था और 12 सितंबर को फैसला सुनाने का ऐलान किया था. Swaroopanand Saraswati Passed Away: शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का निधन, 99 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

तीन महीने से ज्यादा समय तक चली सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें दी हैं. हिंदू पक्ष की ओर से इस मामले को सुनवाई योग्य करार देने के लिए कई साक्ष्य प्रस्तुत किए गए. उधर, मुस्लिम पक्ष ने इस वाद को खारिज कराने के लिए अदालत को सबूत सौंपे हैं. बेहद महत्वपूर्ण इस मामले में बहस के दौरान मुगल आक्रांता औरंगजेब तक के आदेशों का हवाला दिया गया है. जिला अदालत के फैसले से पहले वाराणसी में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.

हिंदू पक्ष की दलील

हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी कहीं से मस्जिद नहीं, बल्कि ये मंदिर का ही हिस्सा है. इस केस पर 1991 का उपासना स्‍थल अधिनियम लागू नहीं होता है. तब हिंदू पक्ष के ओर से सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए गए थे.

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सनुवाई से पहले वाराणसी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. जिले की सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने कहा कि ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में जिला अदालत द्वारा सोमवार को फैसला सुनाया जाएगा. धर्म गुरुओं के साथ संवाद करने का भी निर्देश दिया गया है.

इनकी याचिका पर हो रही सुनवाई

गौरतलब है कि पांच हिंदू महिलाओं ने जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि उनके धर्म की मूर्तियां ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं. उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं की दैनिक पूजा की अनुमति मांगी थी.

शिवलिंग और फव्वारा पर विवाद

निचली अदालत ने परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था. 16 मई को सर्वे का काम पूरा हुआ और 19 मई को कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई थी. हिंदू पक्ष ने निचली अदालत में दावा किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान एक शिवलिंग मिला था, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया था.  मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था. इसके बाद हिंदू पक्ष ने विवादित स्थल को सील करने की मांग की थी. सेशन कोर्ट ने इसे सील कर दिया था. इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अक्टूबर महीने के अगले हफ्ते में सुनवाई करेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2022 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).