Uttar Pradesh: गंगा, यमुना ने पार किया डेंजर मार्क, परिवारों की निकासी शुरू
नैनी में यमुना में जल स्तर 84.90 मीटर दर्ज किया गया. बढ़ते पानी के कारण, नदियों के तीनों बिंदुओं (जैसा कि सुबह 10 बजे दर्ज किया गया) का स्तर फाफामऊ में 85.13 मीटर और छतनाग में 84.36 मीटर तक बढ़ गया. यमुना का जलस्तर 84.96 मीटर रिकॉर्ड किया गया.
प्रयागराज: प्रयागराज (Prayagraj) में सोमवार को गंगा (Ganga) और यमुना (Yamuna) दोनों नदियों (Rivers) का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को निकालने का काम शुरू कर दिया है. फाफामऊ (Phaphamau) में गंगा का जलस्तर सोमवार सुबह 85.08 मीटर था, जबकि छतनाग में यह 84.29 मीटर था. Rajasthan: मध्य प्रदेश के बाद अब बाढ़ प्रभावित राजस्थान में राहत कार्यों में जुटी वायुसेना
नैनी में यमुना में जल स्तर 84.90 मीटर दर्ज किया गया. बढ़ते पानी के कारण, नदियों के तीनों बिंदुओं (जैसा कि सुबह 10 बजे दर्ज किया गया) का स्तर फाफामऊ में 85.13 मीटर और छतनाग में 84.36 मीटर तक बढ़ गया. यमुना का जलस्तर 84.96 मीटर रिकॉर्ड किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि फाफामऊ में 5 सेंटीमीटर, छतनाग में 7 सेंटीमीटर और नैनी (यमुना) में 6 सेंटीमीटर की दर से जलस्तर बढ़ रहा है.
स्तर में वृद्धि के साथ, गंगा नगर, नेवादा, अशोक नगर, बेली गांव, राजापुर के कुछ हिस्सों, सलोरी, बड़ा और छोटा बघारा, बद्र और सनौती, दारागंज, नागवासुकी और अन्य जैसे कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है.
बलुआघाट में यमुना किनारे बारादरी में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं, इसलिए प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राहत शिविर लगाए हैं. इस बीच, राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही बाढ़ के स्तर पर कड़ी निगरानी रखने में मदद कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2021 05:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

