उत्तर प्रदेश: उन्नाव रेप केस के विरोध में विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे पूर्व सीएम अखिलेश यादव
धरने पर बैठे पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Photo Credits: ANI)

लखनऊ: जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही उन्नाव गैंगरेप पीड़िता (Unnao Gang rape Victim) आखिरकार हार गई और शुक्रवार देर रात करीब 11.40 बजे पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में अंतिम सांस ली. इस घटना के बाद से पूरे देश में गुस्सा देखने को मिल रहा है. उन्नाव रेप केस के विरोध में रविवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Former Chief Minister Akhilesh Yadav) धरने पर बैठ गए. इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना के विरोध में अखिलेश यादव यूपी विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं और उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी धरने पर बैठे हैं.

धरने पर बैठे पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने योगी सरकार (Yogi Government) पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्नाव की घटना बीजेपी सरकार में कोई पहली घटना नहीं है. उन्नाव की बेटी बहादूर थी और उसके आखिरी शब्द थे कि वह जीवित रहना चाहती है. हमारे लिए यह काला दिन है कि एक बेटी जो न्याय की गुहार लगा रही थी, हम उसे न्याय नहीं दे पाए.

धरने पर बैठे पूर्व सीएम अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार में यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी जब एक बेटी न्याय के लिए सीएम आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश कर रही थी, तब जाकर मामला दर्ज किया गया था. इसके अलावा बाराबंकी की एक पीड़िता ने भी न्याय की आस में सीएम आवास के बाहर आत्मदाह कर लिया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी. यह भी पढ़ें: उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद भाई ने की इंसाफ की मांग, कहा- पांचों आरोपियों को हो मौत की सजा

गौरतलब है कि देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का निधन हो गया. 90 फीसदी तक जल चुकी पीड़िता को एयरलिफ्ट करके लखनऊ से दिल्ली लाया गया था. हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों ने पीड़िता की जान बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन शुक्रवार शाम से उसकी हालत खराब होने लगी. देर रात 11.10 बजे पीड़िता को कार्डियक अरेस्ट आया और रात 11.40 बजे पीड़िता का निधन हो गया.