Trump-Putin Meeting in Alaska: आज अलास्का में यूक्रेन का भविष्य तय करेंगे ट्रंप और पुतिन, ज़ेलेंस्की की गैरमौजूदगी में होगा बड़ा सौदा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन अलास्का में यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम बैठक कर रहे हैं. इस बातचीत से यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को बाहर रखा गया है, जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई है. यह बैठक युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से हो रही है, लेकिन ज़मीन पर लड़ाई अभी भी जारी है और दोनों नेताओं के अपने अलग-अलग लक्ष्य हैं.
Trump And Putin Meeting in Alaska: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर अलास्का में एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसका पूरी दुनिया को इंतज़ार है. यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि छह साल में पहली बार ये दोनों नेता आमने-सामने बात करेंगे. ट्रंप का कहना है कि पुतिन "मुझसे पंगा नहीं लेंगे".
हालांकि, इस अहम बैठक से यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को बाहर रखा गया है. ज़ेलेंस्की ने पहले ही चेतावनी दी है कि उनकी गैरमौजूदगी में लिए गए किसी भी फैसले का कोई मतलब नहीं होगा.
दोनों नेता क्या चाहते हैं?
व्लादिमीर पुतिन: पुतिन का इरादा साफ है. वे यूक्रेन के और ज़्यादा इलाकों पर कब्ज़ा करना चाहते हैं. उनकी शर्तें पहले जैसी ही हैं:
- यूक्रेन अपनी सेना कम करे और कभी भी NATO में शामिल न हो.
- रूस ने क्रीमिया समेत यूक्रेन के जिन चार पूर्वी इलाकों पर कब्ज़ा किया है, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए.
डोनाल्ड ट्रंप: ट्रंप खुद को एक शांतिदूत के तौर पर पेश करना चाहते हैं. उन्होंने चुनाव जीतने पर 24 घंटे के अंदर युद्ध खत्म करने का वादा किया था, लेकिन अब तक सफल नहीं हुए हैं. इस बैठक से उन्हें मिली-जुली उम्मीदें हैं. उनका कहना है कि वो यूक्रेन के कुछ इलाके रूस से वापस दिलाने की कोशिश करेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने "ज़मीनों की अदला-बदली" की बात भी कही है.
हालांकि, ट्रंप ने उम्मीदें कम रखने की भी कोशिश की है. उन्होंने इस बैठक को एक "एक-दूसरे को समझने वाली मीटिंग" बताया है और कहा है कि इसके "असफल होने की 25% संभावना" है.
अलास्का को ही क्यों चुना गया?
इस बैठक के लिए अलास्का का चुनाव ऐतिहासिक रूप से बहुत मायने रखता है. ये दोनों नेता अमेरिका की उस ज़मीन पर मिल रहे हैं जो कभी रूस का हिस्सा हुआ करती थी.
अलास्का 1867 तक रूस का था, जिसे बाद में अमेरिका ने खरीद लिया. 1959 में यह अमेरिका का एक राज्य बन गया. रूस के मुताबिक, यह मिलने के लिए एक "तार्किक" जगह है क्योंकि दोनों देशों के बीच सिर्फ बेरिंग स्ट्रेट (Bering Strait) की दूरी है. यह बैठक अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकरेज में होगी.
फ़ोन पर इंतज़ार करते ज़ेलेंस्की
एक तरफ ट्रंप और पुतिन तीन साल से ज़्यादा समय से चल रहे इस युद्ध को खत्म करने के लिए मिल रहे हैं, वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को इस बातचीत से दूर रखा गया है. वह बेचैनी से ट्रंप के फ़ोन का इंतज़ार करेंगे ताकि यह जान सकें कि बैठक में क्या हुआ.
ज़ेलेंस्की पहले ही साफ कह चुके हैं कि यूक्रेन की भागीदारी के बिना होने वाले किसी भी समझौते का कोई नतीजा नहीं निकलेगा. उनके यूरोपीय सहयोगियों ने भी कहा है कि वे ऐसे किसी भी सौदे को स्वीकार नहीं करेंगे जिस पर यूक्रेन सहमत न हो.
युद्ध के ताज़ा हालात और विरोध प्रदर्शन
एक तरफ अलास्का में बैठक की तैयारी चल रही है, तो दूसरी तरफ युद्ध के मैदान में लड़ाई और तेज़ हो गई है.
- प्रदर्शन: बैठक से पहले, अलास्का के एंकरेज शहर में लोग यूक्रेन के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं. वे यूक्रेनी झंडे लहरा रहे हैं और "अलास्का यूक्रेन के साथ है" जैसे बैनर दिखा रहे हैं.
- लड़ाई: गुरुवार को, यूक्रेन ने डोनेट्स्क क्षेत्र के द्रुज़किवका शहर से बच्चों वाले परिवारों को निकालने का आदेश दिया क्योंकि वहां भीषण लड़ाई जारी है. खबरों के मुताबिक, रूसी सेना ने सिर्फ 24 घंटों में 10 किलोमीटर तक की बढ़त हासिल कर ली है, जो पिछले एक साल में उनकी सबसे बड़ी कामयाबी है.
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ज़मीन पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दुनिया की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप और पुतिन कोई समाधान निकाल पाएंगे या यह सिर्फ एक और दिखावटी मुलाकात बनकर रह जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2025 11:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

