Basara Temple Renovation: बासर सरस्वती मंदिर का कायाकल्प, सीएम रेवंत रेड्डी ने रखी 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की आधारशिला
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने निर्मल जिले के बासर में स्थित ऐतिहासिक ज्ञान सरस्वती मंदिर के विस्तार और विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास किया. इस मास्टर प्लान के तहत मंदिर के गर्भगृह और अन्य सुविधाओं का आधुनिकिकरण किया जाएगा. 1q1
हैदराबाद/बासर: तेलंगाना (Telangana) के प्रसिद्ध ज्ञान सरस्वती मंदिर (Gnana Saraswati Temple) को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने सोमवार को निर्मल जिले के बासर शहर (Basara Town) में मंदिर के विस्तार और विकास कार्यों के लिए 225 करोड़ रुपये की परियोजना की आधारशिला रखी. उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क (Deputy Chief Minister Mallu Bhatti Vikramarka) और अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में 'भूमि पूजा' संपन्न की.
भूमि पूजा से पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ मंदिर में दर्शन किए और पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न अनुष्ठानों में भाग लिया. गोदावरी नदी के तट पर स्थित यह मंदिर हजारों वर्षों के गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है. यह भी पढ़ें: OBC आरक्षण पर रेवंत रेड्डी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, तेलंगाना में 67% रिजर्वेशन लागू नहीं होगा
ऐतिहासिक महत्व और 'अक्षरभ्यासम' की परंपरा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद महर्षि वेद व्यास ने गोदावरी के तट पर निवास किया था और यहाँ देवी ज्ञान सरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली की मूर्तियों को प्रतिष्ठित किया था. 'त्रिमाताओं' की उपस्थिति के कारण बासर एक पवित्र स्थल के रूप में विख्यात है. यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों का 'अक्षरभ्यासम' (शिक्षा दीक्षा का प्रारंभिक समारोह) कराने आते हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बसारा मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखी
रेवंत रेड्डी ने ज्ञान सरस्वती मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखी
विशाल मास्टर प्लान और विस्तार कार्य
बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की कमी को देखते हुए सरकार ने मंदिर के व्यापक विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है. इस योजना को श्रृंगेरी पीठाधिपति की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया गया है। मुख्य विकास कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- गर्भगृह का विस्तार: वर्तमान में 2,000 वर्ग फुट में फैला गर्भगृह और अर्थ मंडपम अब 5,000 वर्ग फुट में विस्तारित किया जाएगा.
- भव्य टावर: उत्तर दिशा में नौ मंजिला 'राज गोपुरम' और अन्य तीन दिशाओं में सात मंजिला टावरों का निर्माण होगा.
- परिक्रमा पथ: मंदिर के चारों ओर 33 फीट चौड़ी 'मदा विधि' (जुलूस सड़कें) बनाई जाएंगी.
- कुल क्षेत्रफल: मंदिर का कुल निर्मित क्षेत्र 20,000 वर्ग फुट से बढ़ाकर 62,000 वर्ग फुट किया जा रहा है.
आगामी गोदावरी पुष्करालू की तैयारी
अगले वर्ष जून में शुरू होने वाले 'गोदावरी पुष्करालू' को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के गोदावरी में पवित्र स्नान के लिए आने की उम्मीद है, जिसके लिए सभी आवश्यक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कार्य मंदिर की स्थापित परंपराओं और अनुष्ठानों के अनुरूप ही किए जाएं.