OBC आरक्षण पर रेवंत रेड्डी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, तेलंगाना में 67% रिजर्वेशन लागू नहीं होगा
तेलंगाना में OBC आरक्षण बढ़ाकर कुल कोटा 67% करने की योजना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें 50% से अधिक आरक्षण पर रोक लगाई गई थी. इस फैसले के बाद रेवंत रेड्डी सरकार फिलहाल राज्य में आरक्षण का दायरा नहीं बढ़ा पाएगी.
नई दिल्ली: तेलंगाना में रेवंत रेड्डी सरकार को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाने पर लगी रोक को हटाने की मांग की गई थी.
तेलंगाना सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों में OBC समुदाय के लिए आरक्षण 42% तक बढ़ा दिया था. इसके कारण राज्य में कुल आरक्षण 67% हो गया था, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1992 के प्रसिद्ध 'इंदिरा साहनी मामले' में तय की गई 50% की सीमा से कहीं ज्यादा है.
सरकार ने कोर्ट में क्या दलील दी?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि आरक्षण बढ़ाना एक 'नीतिगत फैसला' है. उन्होंने कहा, "जब राज्य की सभी पार्टियों ने मिलकर सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है, तो हाईकोर्ट बिना किसी ठोस वजह के इस पर रोक कैसे लगा सकता है?"
सिंघवी ने यह भी तर्क दिया कि ऐसी गलतफहमी है कि इंदिरा साहनी मामले में 50% की सीमा को सख्ती से लागू करने को कहा गया था. उन्होंने कहा कि उस फैसले में भी 'असाधारण परिस्थितियों' में इस सीमा को पार करने की इजाजत दी गई है.
हाईकोर्ट ने क्यों लगाई थी रोक?
पिछले महीने तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार का यह फैसला पहली नजर में 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन करता है.
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले का भी जिक्र किया था. इस टेस्ट के अनुसार, आरक्षण कोटा बढ़ाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- एक आयोग का गठन करना, जो पिछड़ेपन पर डेटा इकट्ठा करने के लिए एक स्टडी करे.
- उस स्टडी के आधार पर आरक्षण का अनुपात तय करना.
- सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और OBC को मिलाकर कुल आरक्षण किसी भी हाल में 50% से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए सरकार की याचिका खारिज कर दी. इसका मतलब है कि फिलहाल तेलंगाना में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की योजना पर रोक जारी रहेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2025 01:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

