Nimisha Priya Case: निमिषा प्रिया मामले में हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जनवरी 2026 में करेगा सुनवाई
केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया को यमन में फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में दाखिल अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई टल गई. सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में करेगा. अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि इस मामले में एक नया मीडिएटर सामने आया है. साथ ही अभी तक कोई प्रतिकूल बात नहीं हुई है.
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) को यमन में फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में दाखिल अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई टल गई. सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में करेगा. अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि इस मामले में एक नया मीडिएटर सामने आया है. साथ ही अभी तक कोई प्रतिकूल बात नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 को सुनवाई तय करते हुए कहा कि अगर इस बीच कोई नया डेवलपमेंट हो तो अदालत से सुनवाई की मांग की जा सकती है.
निमिषा प्रिया को बचाने के लिए सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. निमिषा के वकील ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दे कि वह डिप्लोमेटिक चैनल के जरिए यमन सरकार से बात करे और फांसी पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए. नर्स निमिषा प्रिया को यमन की अदालत ने 2017 में एक नागरिक की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी. 16 जुलाई 2025 को निमिषा को फांसी दी जानी थी, हालांकि उनकी फांसी की सजा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. इसके बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने सरकार से अपील की कि वह इस मामले में राजनयिक और कानूनी प्रयासों के जरिए निमिषा की रिहाई सुनिश्चित करे या उनकी सजा को कम कराए. यह भी पढ़ें : Shilpa Shetty Case: शिल्पा शेट्टी के खिलाफ ठगी का मामला, बॉम्बे HC से विदेश जाने की अनुमति नहीं मिली
निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' ने केंद्र सरकार से एक प्रतिनिधिमंडल के यमन जाने की अनुमति मांगी थी, ताकि यमन के कानून के अनुसार पीड़ित परिवार से क्षमादान मिल सके. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने पहले यमन में गंभीर सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए काउंसिल के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था. मंत्रालय ने काउंसिल को सूचित किया था कि वह वर्तमान परिस्थितियों में युद्धग्रस्त देश की यात्रा की मंजूरी नहीं दे सकता, क्योंकि यमन में सशस्त्र संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता के कारण वहां किसी को भेजना बेहद खतरनाक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2025 02:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

