Thane Election Result 2026: ठाणे महानगरपालिका (TMC) के 2026 के चुनावी नतीजों ने मुंब्रा के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है. शुक्रवार को हुई मतगणना में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मुंब्रा क्षेत्र में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 6 सीटों पर कब्जा जमा लिया है. पार्टी के प्रमुख चेहरे सैफ पठान सहित इन 6 उम्मीदवारों की जीत ने यह साफ कर दिया है कि मुंब्रा की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है. यह भी पढ़े: BMC Election 2026 Result LIVE: मुंबई में क्यों नहीं चला शिवसेना (UBT) का जादू, उद्धव ठाकरे की हार के 5 बड़े कारण
मुंब्रा से AIMIM के विजयी योद्धा
मुंब्रा के विभिन्न वार्डों से जीत हासिल करने वाले AIMIM उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है:
इन सभी उम्मीदवारों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों को भारी मतों के अंतर से शिकस्त दी है. विशेष रूप से सैफ पठान की जीत को पार्टी के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है.
एनसीपी के 'गढ़' में सेंध लगाने में सफल
मुंब्रा का कलवा क्षेत्र को लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP–शरद पवार गुट) का अभेद्य गढ़ माना जाता रहा है और यह इलाका खासतौर पर NCP (SP) के वरिष्ठ नेता जितेंद्र अव्हाड का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है. लेकिन 2026 के महानगरपालिका चुनावों में AIMIM ने इस गढ़ में बड़ी सेंध लगाते हुए 6 सीटों पर जीत दर्ज की. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, AIMIM ने न केवल अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई, बल्कि NCP के पारंपरिक वोट बैंक में भी प्रभावी तरीके से प्रवेश किया है, जिसे NCP (SP) नेता जितेंद्र अव्हाड के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
बीएमसी के बाद ठाणे में भी 'पतंग' की उड़ान
मुंबई महानगरपालिका (BMC) में चार सीटें जीतने के बाद ठाणे (TMC) के मुंब्रा में यह प्रदर्शन AIMIM के लिए बड़ी संजीवनी साबित हुआ है. पार्टी ने इस बार 'स्थानीय उम्मीदवार और ठोस मुद्दे' की रणनीति अपनाई थी. सैफ पठान और उनकी टीम ने चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया था, जिसे मतदाताओं ने हाथों-हाथ लिया.
सदन में बढ़ेगी पार्टी की धमक
ठाणे महानगरपालिका के सदन में अब AIMIM के 6 पार्षदों की मौजूदगी पार्टी को एक मजबूत विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित करेगी. यह जीत आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक बड़ा संकेत है, क्योंकि मुंब्रा क्षेत्र में अब सत्ता की चाबी पवार परिवार के हाथ से फिसलकर ओवैसी की 'पतंग' के पास जाती दिख रही है.













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