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Telangana: रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सीएम के चंद्रशेखर राव ने लिया बड़ा फैसला, स्टाइपेंड बढ़ाकर 80,500 रुपये प्रति माह किया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड (Stipend) 70,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 80,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है.

Telangana: रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सीएम के चंद्रशेखर राव ने लिया बड़ा फैसला, स्टाइपेंड बढ़ाकर 80,500 रुपये प्रति माह किया
डॉक्टर (Photo Credits: PTI/File)

हैदराबाद: तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (K Chandrashekar Rao) ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड (Stipend) 70,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 80,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है. कुछ दिन पहले अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों के हजारों रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल की थी. वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 1 जनवरी 2021 से लागू माना जाएगा. तेलंगाना में कोविड-19 के 3,614 नए मामले, 18 लोगों की मौत

तेलंगाना के जूनियर और सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों ने राज्य सरकार द्वारा किये गये वादे पूरा नहीं किये जाने के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया और आईसीयू ड्यूटी को छोड़कर अन्य गैर-आपात सेवाओं का बहिष्कार किया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री राव ने उनसे कोविड-19 स्थिति के चलते हड़ताल वापस लेने को आह्वान किया था. साथ ही रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था.

तेलंगाना जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (टेजेयूडीए) ने 10 मई को ही हड़ताल का नोटिस दिया था लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया. जिसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया. वहीं, तत्काल ड्यूटी पर लौट आने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि यदि जूनियर डॉक्टरों की मांगे उचित होंगी तो सरकार को उनका समाधान करने में कोई ऐतराज नहीं है. राव ने कहा कि सरकार ने जूनियर डॉक्टरों के साथ कभी कोई भेदभाव नहीं किया है और उनकी समस्याएं अतीत में भी हल की गयी हैं तथा सरकार उनकी वाजिब मांगों का अब भी निदान करने के लिए तैयार है.

मुख्यमंत्री ने बुधवार को ही वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की. उन्होंने मेडिकल छात्रों के लिए बढ़ा हुआ मानदेय भी बढ़ाया, जो अपने तीन साल के एमबीबीएस कोर्स के बाद कोविड कर्तव्यों में लगे हुए हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि निम्स में जूनियर डॉक्टरों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत किया जाए. जिसके बाद जूनियर डॉक्टर अपनी हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौटे.

(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2021 09:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).