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अगले एक साल में 22 वंदे भारत ट्रेनों के पार्ट्स का निर्माण करेगा टाटा स्टील

भारतीय रेलवे की ओर से इसे लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है. अगले दो साल में रेलवे ने 200 नई वन्दे भारत ट्रेन तैयार करने के लक्ष्य रखा है. जानकारी के अनुसार रेलवे 2024 की पहली तिमाही तक वंदे भारत ट्रेन के पहले स्लीपर संस्करण को शुरू करने का लक्ष्य बना रहा है.

अगले एक साल में 22 वंदे भारत ट्रेनों के पार्ट्स का निर्माण करेगा टाटा स्टील
Vande Bharat train

नई दिल्ली, 10 मार्च: अगले एक साल में देश की सबसे तेज और सुविधाओं से संपन्न वंदे भारत एक्सप्रेस की 22 ट्रेनों के पार्ट्स का निर्माण टाटा स्टील करेगा.

भारतीय रेलवे की ओर से इसे लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है. अगले दो साल में रेलवे ने 200 नई वन्दे भारत ट्रेन तैयार करने के लक्ष्य रखा है. जानकारी के अनुसार रेलवे 2024 की पहली तिमाही तक वंदे भारत ट्रेन के पहले स्लीपर संस्करण को शुरू करने का लक्ष्य बना रहा है. ऐसे में ट्रेन के निर्माण कार्य को गति देने के लिए इसे लेकर भारतीय रेलवे और टाटा स्टील के बीच कई योजनाओं पर करार हुआ है. इसके तहत पैनल, विंडो और रेलवे के स्ट्रक्च र तैयार किए जा रहे हैं. हालांकि रेलवे की ओर से ये भी स्पष्ट किया गया है कि वंदे भारत ट्रेनों के कोच नहीं केवल ट्रेन की सीट का निर्माण करने का करार टाटा स्टील से किया गया है. यह भी पढ़ें: Railway Rule: बिना टिकट अकेले यात्रा कर रही महिला को ट्रेन से नहीं उतरा जा सकता

रेलवे प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने आईएएनएस को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि एक साल में वंदे भारत एक्सप्रेस की 22 ट्रेनों के केवल पार्ट्स का ही निर्माण टाटा स्टील करेगा. योजना के तहत करीब 145 करोड़ रुपए का टेंडर फिलहाल भारतीय रेलवे ने वंदे भारत के रैकों के पार्ट्स के निर्माण के लिए टाटा स्टील को दिया है। यह काम 12 महीने में पूरा किया जाना है।इस कंपनी को वंदे भारत एक्सप्रेस की 22 ट्रेनों के लिए सीटें मुहैया कराने का भी ऑडर मिला है.

टाटा स्टील के कंपोजिट डिवीजन ने वंदे भारत एक्सप्रेस की सीटिंग सिस्टम के लिए 145 करोड़ रुपये का बल्क ऑर्डर प्राप्त करने के बाद इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया, जिसमें प्रत्येक ट्रेन सेट में 16 कोचों के साथ 22 ट्रेन सेटों के लिए पूर्ण सीटिंग सिस्टम की आपूर्ति शामिल है. इस संबंध में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्नोलॉजी एंड न्यू मैटेरियल्स बिजनेस) देबाशीष भट्टाचार्य ने कहा, इस ट्रेन की सीटें विशेष रूप से डिजाइन की गई हैं, जो 180 डिग्री तक घूम सकती हैं और इनमें विमान जैसी यात्री सुविधाएं हैं. यह 'भारत में पहली' तरह की यात्री सुविधाएं हैं. जिसे अगले 12 महीनों में निष्पादित कर दिया जाएगा.

जानकारी के अनुसार टाटा स्टील लगातार रेलवे में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने में लगा है. रेलवे से समन्वय के लिए अधिकारियों की भी पोस्टिंग की गयी है. टाटा स्टील को मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर में भी काम मिला है. टाटा स्टील ने रेलवे से कारोबारी समन्वय बनाने के लिए टाटा मोटर्स के डिप्टी जीएम अराधना लाहिरी को टाटा स्टील में न्यू मैटेरियल बिजनेस के रूप में प्रतिनियुक्त किया है। वे रेलवे बिजनेस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन का काम देखेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 10, 2023 05:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).