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भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की बैंको से अपील, कहा- मेरा पैसा ले लो और जेट एयरवेज को बचा लो

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्याने जेट एयरवेज को लेकर बयान दिया है. माल्या ने भारतीय बैंकों से अपील की है कि वो उसका पैसा लेकर संकटग्रस्त जेट एयरवेज को बचा लें.

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की बैंको से अपील, कहा- मेरा पैसा ले लो और जेट एयरवेज को बचा लो
विजय माल्या (Photo credits: PTI)

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) ने जेट एयरवेज को लेकर बयान दिया है. माल्या ने भारतीय बैंकों से अपील की है कि वो उसका पैसा लेकर संकटग्रस्त जेट एयरवेज को बचा लें. विजय माल्या ने ट्विट कर कहा कि 'मैने किंगफिशर एयरलाइंस और कर्मचारियोंको बचाने के लिए 4000 करोड़ रुपए निवेश किए. माल्या ने कहा कि सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है. विजय माल्या ने ट्विट कर कहा कि मेरी रकम लेकर बैंक जेट एयरवेज को बचा ले. माल्या ने ट्विट में लिखा कि मैं एक बार फिर कह रहा हूं कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने मैने अपनी एसेट्स बेचने के लिए रखी है. ये सरकारी बैंकों का बकाया चुकाने के लिए है. बैंक मेरा पैसा ले क्यों नहीं लेते. इससे उनको जेट एयरवेज को बचाने में मदद मिलेगी.

खुद की किंगफिशर एयरलाइंस न चला पाने वाले माल्या ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर लिखा, "यह देखकर खुश हूं कि सरकारी बैंकों ने नौकरियां, कनेक्टिविटी और एंटरप्राइज को बचाने के लिए जेट एयरवेज को बेल आउट पैकेज दिया है. ऐसी ही इच्छा मुझे किंगफिशर के लिए भी थी." उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, "मैने कंपनी और कर्मचारियों को बचाने के लिए किंगफिशर एयरलाइन्स में 4000 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसे नहीं देखा गया बजाए इसके इसे हर संभव तरीके से खारिज किया गया. उसी सरकारी बैंक ने भारत की सबसे बेहतरीन एयरलाइन सेवा को कनेक्टिविटी और कर्मचारियों के स्तर पर खत्म होने दिया. " यह भी पढ़ें- जेट एयरवेज के बोर्ड से नरेश गोयल और पत्नी अनिता ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों को लिखा भावुक पत्र

इतना ही नहीं माल्या का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उसने जो पत्र लिखे थे उन्हें पढ़ने में बीजेपी प्रवक्ता ने वाकपटुता दिखाई और आरोप लगा दिया कि यूपीए सरकार के वक्त सरकारी बैंकों ने किंगफिशर एयरलाइंस को गलत तरीके से सपोर्ट किया था. मीडिया ने मुझे मौजूदा प्रधानमंत्री को पत्र लिखने को मजबूर कर दिया. मुझे आश्चर्य है कि एनडीए सरकार में अब क्या बदल गया है.

बता दें कि जेट एयरवेज संकट के चलते जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल कंपनी से इस्तीफा दे चुके हैं. एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार गोयल ने कहा, ‘उनके लिए कोई भी बलिदान एयरलाइन और उसके 22,000 कर्मचारियों के परिवारों के हितों के संरक्षण से बड़ा नहीं है। इन 22,000 कर्मचारियों तथा उनके परिवार की भलाई के लिए मैं जेट एयरवेज के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे रहा हूं.’’

गौरतलब है कि माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं. उसकी किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंकों से लोन लिया था. जिसे माल्या नहीं चुका पाया और मार्च 2016 में लंदन भाग गया. लंदन की अदालत और वहां का गृह विभाग माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे चुके हैं. माल्या ने इस फैसले के खिलाफ लंदन के हाईकोर्ट में अपील की है. माल्या को मुंबई स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है. भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून-2018 के तहत माल्या पहला अपराधी है जिसे भगोड़ा घोषित किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 26, 2019 11:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).