Surat Fake Currency Racket: गुजरात के सूरत शहर से धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के आगामी त्योहार का फायदा उठाकर बकरा मंडी में नकली नोट खपाने की कोशिश की गई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नकली नोट देकर बकरियां खरीदने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित व्यापारी को भुगतान में मिले नोटों पर संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया.
50 हजार रुपये के नकली नोटों से हुआ सौदा
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुनील तारडी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 17 मई को राजस्थान के रहने वाले भवरलाल जयदेव भागरिया सूरत की बकरा मंडी में बकरे बेचने आए थे. इसी दौरान मंडी में तीन अज्ञात लोग पहुंचे और उन्होंने भवरलाल से दो बकरियों का सौदा किया. आपसी बातचीत के बाद दोनों बकरियों की कुल कीमत 50,000 रुपये (25,000 रुपये प्रति बकरी) तय की गई थी.
खरीददारों ने व्यापारी को 50,000 रुपये नकद दिए और बकरियां लेकर चले गए. अगले दिन जब पीड़ित भवरलाल ने पैसों की जांच की, तो उन्हें कुछ नोटों की छपाई और कागज की गुणवत्ता संदिग्ध लगी. नोट नकली होने का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
ईद के मौके पर बड़ी धोखाधड़ी
#WATCH सूरत: ईद-उल-अज़हा के त्योहार के लिए नकली नोटों से बकरियां खरीदी गईं।
इस पर ACP सुनील तारडी ने कहा, "17 मई को फरियादी भवरलाल जयदेव भागरिया राजस्थान से यहां बकरा मंडी में बकरे बेचने आया था। इसके बाद 3 लोग आए जहां उन्होंने 2 बकरियों का सौदा किया। एक बकरी की कीमत 25000 तय की… pic.twitter.com/yRfAb0TT0V
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
पुलिस की गिरफ्त में आए 3 आरोपी
व्यापारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सूरत पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी व मुखबिरों की मदद से तीन आरोपियों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद उल्फत आलम शेख, नाजिर अंसारी और मोहम्मद रईस सद्दिकी के रूप में हुई है.
पुलिस ने आरोपियों के पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक बुलेट मोटरसाइकिल, ठगी गई दोनों बकरियां और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे ये नकली नोट कहां से लाए थे और क्या वे पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहे हैं.
त्योहार के सीजन में बढ़ती है चौकसी
ईद-उल-अज़हा के मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी बकरा मंडियां सजती हैं, जहां करोड़ों रुपये का नकद लेनदेन होता है. पुलिस के अनुसार, जालसाज अक्सर ऐसी भीड़भाड़ वाली जगहों और अनपढ़ या सीधे-साधे ग्रामीण व्यापारियों को निशाना बनाते हैं ताकि अंधेरे या जल्दबाजी का फायदा उठाकर नकली नोटों को बाजार में खपाया जा सके. सूरत पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी बड़े नकद लेनदेन के समय नोटों की अच्छी तरह जांच कर लें.













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