Kolkata Metro Ticket Update: शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली कोलकाता मेट्रो ने यात्रियों के सफर को अधिक सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. मेट्रो रेलवे ने प्रायोगिक आधार (Experimental Basis) पर सिंगल क्यूआर-कोडेड पेपर टिकट के जरिए वापसी यात्रा (Return Journey) की सुविधा शुरू की है. इस नई प्रणाली के तहत, यात्री अब अपने शुरुआती स्टेशन से ही आने और जाने, दोनों तरफ का टिकट एक साथ बुक कर सकेंगे. इससे यात्रियों को वापसी के समय दोबारा टिकट काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी.
कैसे काम करेगी यह नई प्रणाली?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा वर्तमान में सभी चालू कॉरिडोर पर उपलब्ध कराई गई है. जब कोई यात्री दो स्टेशनों के बीच आने-जानी की यात्रा के लिए टिकट खरीदेगा, तो उसे एक ही पेपर टिकट दिया जाएगा जिस पर क्यूआर कोड अंकित होगा. यह भी पढ़े: Mumbai Metro Line 9: मुंबईकर के लिए खुशखबर, मेट्रो लाइन-9 जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में शुरू होने की संभावना
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यात्री को अपनी पहली यात्रा के बाद इस टिकट को संभाल कर रखना होगा.
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गंतव्य स्टेशन से बाहर निकलते समय इसी क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा.
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वापसी की यात्रा के समय फिर से वही कोड प्रवेश द्वार (Entry Gate) पर स्कैन किया जाएगा.
सभी कॉरिडोर पर मान्य और समय की बचत
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है. यदि कोई यात्री यात्रा के दौरान कॉरिडोर बदलता है (Interchange), तब भी यह सिंगल टिकट मान्य रहेगा. उदाहरण के लिए, यदि कोई यात्री ब्लू लाइन के टॉलीगंज से ग्रीन लाइन के सेक्टर V तक जाता है, तो वह एस्प्लेनेड पर लाइन बदलते समय भी इसी टिकट का उपयोग कर पाएगा. यह सुविधा विशेष रूप से पीक ऑवर्स के दौरान स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को कम करने में सहायक सिद्ध होगी.
महत्वपूर्ण सावधानियां और वैधता
मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
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वैधता: रिटर्न टिकट केवल उसी दिन के लिए वैध होगा जिस दिन इसे खरीदा गया है. दिन की कमर्शियल सेवाएं समाप्त होने के बाद यह टिकट बेकार हो जाएगा.
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टिकट की सुरक्षा: टोकन के विपरीत, जिसे निकास द्वार पर जमा कर दिया जाता है, इस पेपर टिकट को यात्री को अपने पास सुरक्षित रखना होगा. टिकट खो जाने या फट जाने की स्थिति में वापसी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.
आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम
कोलकाता मेट्रो ने पिछले साल ही पूरे नेटवर्क में क्यूआर-कोडेड पेपर टिकटों को सफलतापूर्वक लागू किया था. अब रिटर्न टिकट की सुविधा को फिर से शुरू करना (जो लगभग 15 साल पहले बंद कर दी गई थी) मेट्रो के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण के प्रयासों का हिस्सा है. अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि पेपर के कम इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.











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