Sitapur Journalist Murder Case: सीतापुर में हुए पत्रकार राघवेंद्र हत्याकांड में शामिल दो बदमाश मुठभेड़ में ढेर

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट और सीतापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पत्रकार राघवेंद्र हत्याकांड में शामिल दो वांछित इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं. इन पर एक-एक लाख का इनाम रखा गया था.

नोएडा, 7 अगस्त : उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट और सीतापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पत्रकार राघवेंद्र हत्याकांड में शामिल दो वांछित इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं. इन पर एक-एक लाख का इनाम रखा गया था. नोएडा एसडीएम से मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट और सीतापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में थाना पिसावां क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी. पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात इनामी बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए तत्काल सीएचसी भेजा गया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल सीतापुर रेफर किया गया. उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई.

एसटीएफ ने जानकारी दी कि मृतकों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान (पुत्र कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान, निवासी अटवा, थाना मिसरिख) और संजय तिवारी उर्फ शिब्बू उर्फ शकील खान (पुत्र कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान, निवासी अटवा, थाना मिसरिख) जनपद सीतापुर के रूप में हुई है. यह भी पढ़ें : Western Railway Namaste Campaign: यात्रियों के बढ़ते दुर्व्यवहार और बिना टिकट यात्रा पर लगाम लगाने के लिए वेस्टर्न रेलवे की बड़ी पहल; शुरू किया ‘नमस्ते अभियान’

दोनों बदमाश सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या के मामले में वांछित थे और इन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजू तिवारी उर्फ रिजवान वर्ष 2006 में जनपद लखीमपुर खीरी के थाना क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियार से हत्या कर चुका था और उसकी सरकारी रिवॉल्वर भी लूट ली थी.

वहीं, संजय तिवारी उर्फ शकील खान ने वर्ष 2011 में देवी सहाय शुक्ल (थाना मचरहेता, सीतापुर) की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इन दोनों पर हत्या, लूट, डकैती सहित दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. ये लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस के लिए चुनौती बने हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ को अंजाम दिया गया. पुलिस अब इस केस से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि हत्या की साजिश से जुड़े बाकी पहलुओं का भी खुलासा किया जा सके.

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