Silver Rate Today, January 30, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों (Silver Rate) में जबरदस्त उछाल देखा गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में आई मजबूती और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण घरेलू बाजार में चांदी ने ₹4.10 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर लिया है. विशेष रूप से दक्षिण भारतीय बाजारों में स्थानीय मांग के चलते कीमतें ₹4.25 लाख के स्तर तक जा पहुंची हैं. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 29, 2026: चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, 4 लाख रुपये के पार पहुंची कीमत; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के ताजा भाव
देश के प्रमुख महानगरों और व्यापारिक केंद्रों में आज चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं:
प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा भाव (1 Kg)
| शहर | चांदी का भाव (प्रति 1 किलोग्राम) |
| चेन्नई / हैदराबाद | ₹ 4,25,000 |
| नई दिल्ली | ₹ 4,10,100 |
| मुंबई | ₹ 4,10,100 |
| बेंगलुरु / कोलकाता | ₹ 4,10,000 |
| नोएडा / गुरुग्राम | ₹ 4,10,100 |
| अहमदाबाद / जयपुर | ₹ 4,10,100 |
नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS या अन्य स्थानीय कर शामिल नहीं हैं।
क्यों लगी है चांदी की कीमतों में आग?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ रैली के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
- भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर मोड़ा है.
- औद्योगिक मांग: सौर ऊर्जा (Solar Energy) और एआई (AI) डेटा सेंटर्स में चांदी की बढ़ती खपत ने इसकी कीमतों को समर्थन दिया है.
- डॉलर की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सफेद धातु पर पड़ा है.
दक्षिणी बाजारों में भारी प्रीमियम
चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिणी शहरों में चांदी की कीमतें उत्तर भारत के मुकाबले अधिक बनी हुई हैं. इसका मुख्य कारण वहां आभूषणों की उच्च मांग और क्षेत्रीय लेवी (Regional Levies) हैं. आज इन शहरों में चांदी ₹4.25 लाख प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही है, जो देश में सबसे अधिक है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि कम समय में चांदी की कीमतों में बहुत तेजी आई है, जिससे बाजार में थोड़ी अस्थिरता (Volatility) देखी जा सकती है. इसके बावजूद, वैश्विक अनिश्चितता और औद्योगिक क्षेत्र से मजबूत मांग को देखते हुए आने वाले समय में भी चांदी की चमक बरकरार रहने की उम्मीद है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं,












QuickLY