Bihar Weather Update: गया में सीजन का सबसे कम तापमान; पटना में 2 जनवरी तक स्कूल बंद
बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गया में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि पटना में बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं.
साल के आखिरी दिन, बुधवार, दिसंबर 31, 2025 को पूरा बिहार भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है. पछुआ हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, जिससे राजधानी पटना और गया समेत कई जिलों में 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में शीत दिवस का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण-मध्य भागों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है.
गया में सबसे ज्यादा ठंड, तापमान 5 डिग्री पहुंचा
Gaya Temperature: बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गया राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पटना में भी पारा गिरकर 8 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है. दिन के समय खिली धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण कनकनी बरकरार है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष सुधार की संभावना नहीं है.
स्कूलों की छुट्टियों में विस्तार
Patna School Holiday: बढ़ती ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने स्कूलों को लेकर नया आदेश जारी किया है. पटना में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल अब January 2, 2026 तक बंद रहेंगे. इससे पहले यह आदेश 31 दिसंबर तक ही था. हालांकि, कक्षा 9वीं और उससे ऊपर की कक्षाओं का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कर दिया गया है.
यातायात पर कोहरे की मार
घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम हो गई है, जिसका सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है. दिल्ली और अन्य राज्यों से आने वाली दर्जन भर ट्रेनें कई घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़क मार्ग पर भी वाहनों की गति धीमी हो गई है और ड्राइवरों को फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है.
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, January 1, 2026 यानी नए साल के पहले दिन भी बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का साया रहेगा. पछुआ हवाओं की रफ्तार तेज होने से ठिठुरन और बढ़ सकती है. बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने और रैन बसेरों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं.