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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से खफा वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान छोड़ सकते हैं सपा

समाजवादी पार्टी (सपा) को जल्द ही एक और बड़ा झटका लग सकता है क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान पार्टी छोड़ सकते हैं और संभवत: अपनी पार्टी बना सकते है. आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत खान शानू ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही कहा था कि अखिलेश नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से खफा वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान छोड़ सकते हैं सपा
Azam Khan (Photo Credits: PTI)

लखनऊ, 11 अप्रैल : समाजवादी पार्टी (सपा) को जल्द ही एक और बड़ा झटका लग सकता है क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान (Mohammad Azam Khan) पार्टी छोड़ सकते हैं और संभवत: अपनी पार्टी बना सकते है. आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत खान शानू ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही कहा था कि अखिलेश नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं. फसाहत ने रविवार देर रात रामपुर में पार्टी कार्यालय में खान के समर्थकों की एक बैठक में यह टिप्पणी की. सूत्रों के अनुसार, आजम खान इस बात से नाराज हैं कि सिवाय एक बार के अखिलेश उनसे सीतापुर जेल में मिलने नहीं गए, जहां वह फरवरी 2020 से बंद हैं.

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (पीएसपी-एल) के प्रमुख शिवपाल यादव की अखिलेश के साथ अनबन और सत्तारूढ़ भाजपा में उनके संभावित बदलाव ने आजम खान के भी सपा छोड़ने की खबरों को मजबूत किया है. आजम खान ने 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा और सीतापुर जेल में सलाखों के पीछे से 10वीं बार रामपुर सीट जीती है. फसाहत ने कहा कि आजम खान के इशारे पर न सिर्फ रामपुर में बल्कि कई जिलों में भी मुसलमानों ने सपा को वोट दिया, लेकिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुसलमानों का पक्ष नहीं लिया. आजम खान दो साल से ज्यादा समय से जेल में हैं, लेकिन सपा अध्यक्ष केवल एक बार जेल में उनसे मिलने गए. इतना ही नहीं, पार्टी में मुसलमानों को महत्व नहीं दिया जा रहा है. यह भी पढ़ें : Maharashtra: ‘बीजेपी नेता किरीट सोमैया अपने बेटे के साथ फरार’ संजय राउत ने पूछा- कहां हैं ये दोनों ठग

फसाहत ने आगे कहा कि अब लगता है कि अखिलेश यादव को हमारे कपड़ों से बदबू आ रही है. दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले सपा सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने भी आरोप लगाया था कि सपा मुसलमानों के लिए काम नहीं कर रही है. समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने कहा कि मुझे ऐसी किसी बैठक या टिप्पणी की जानकारी नहीं है. आजम खान सपा के साथ हैं और सपा उनके साथ है. आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा पूर्व विधायक और पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने रामपुर में सुआर विधानसभा सीट जीती है.

22 मार्च को, आजम खान ने अपनी विधानसभा सीट बरकरार रखने के लिए रामपुर लोकसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया था. यह उसी दिन किया गया था जिस दिन अखिलेश ने अपनी करहल विधानसभा सीट बरकरार रखने के लिए सपा के आजमगढ़ लोकसभा सदस्य का पद छोड़ दिया था. इससे पहले, आजम खान सपा से बाहर थे, जब पार्टी ने उन्हें मई 2009 में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था. दिसंबर 2010 में निष्कासन रद्द कर दिया गया और वह फिर से पार्टी में शामिल हो गए थे. अपने निष्कासन की अवधि के दौरान, उन्होंने किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2022 11:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).