आजमगढ़: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा के सबसे उम्रदराज विधायक और समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आलमबदी आजमी (Alambadi Azmi) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली.
90 वर्ष से अधिक की आयु के आलमबदी आजमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और लखनऊ (Lucknow) के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में उनका इलाज जारी था. कुछ दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर घर लाया गया था. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम 4 बजे आजमगढ़ में उनका अंतिम संस्कार (सुपुर्द-ए-खाक) संपन्न किया जाएगा. यह भी पढ़ें: Mukul Roy Dies: पूर्व रेल मंत्री व TMC नेता मुकुल रॉय का 71 साल की उम्र में निधन, बंगाल की राजनीति के ‘चाणक्य’ के रूप में थी पहचान; जानें उनका राजनीतिक सफर
सादगी और साफ़ छवि के लिए जाने जाते थे आलमबदी
16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आजमी ने 1956 में मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया था. लंबे राजनीतिक करियर के बावजूद उन्होंने जीवनभर सादगी का पालन किया.
वह पांच बार विधायक रहने के बावजूद आधुनिक स्मार्टफोन के बजाय की-पैड फोन का इस्तेमाल करते थे और अंबेडकर नगर के टांडा कपड़ा मिल में तैयार होने वाले साधारण कपड़े ही पहनते थे. अपनी साफ-सुथरी छवि और गांधीवादी जीवन शैली के कारण वह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच बेहद सम्मानित थे.
निजामाबाद से 5 बार बने विधायक
आलमबदी आजमी का राजनीतिक करियर बेहद लंबा और उपलब्धियों से भरा रह. उन्होंने पहली बार 1996 में आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से विधानसभा चुनाव जीता था.
इसके बाद वह 2002, 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में विजयी होकर कुल 5 बार सदन पहुंचे. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर वह 18वीं विधानसभा के सबसे उम्रदराज विधायक बने थे.
समाजवादी पार्टी के सबसे बुजुर्ग विधायक को श्रद्धांजलि दी जा रही है
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद!
दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावभीनी श्रद्धांजलि! pic.twitter.com/Hx0ZRdljZB
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 23, 2026
إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
आज़मगढ़ के निज़ामाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक जनाब आलम बदी आज़मी साहब के इंतक़ाल की ख़बर बेहद अफ़सोसनाक है।
उनका जाना मिल्लत, समाज और सियासत के लिए एक बड़ा ख़सारा है। उनकी ख़िदमात और ख़ुलूस को हमेशा याद रखा जाएगा।
अल्लाह तआला… pic.twitter.com/uHGGx7XWmr
— Iqra Hasan (@IqraMunawwar_) July 23, 2026
अलविदा आलम बदी साहब....
आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के सपा विधायक आलम बदी आजमी की मौत एक युग का अंत है।
आलम बदी साहब मेकैनिकल इंजीनियर । उत्तर प्रदेश के सियासत में सबसे ईमानदार नेताओं में उनकी गिनती होती थी। विधानसभा भी जाते थे तो स्कूटर या पैदल ही चले जाते… pic.twitter.com/6COtqSLdaF
— Kavish aziz (@azizkavish) July 22, 2026
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि- विधायक आदरणीय आलम बदी जी का निधन...
ईमानदारी और जनसेवा की मिशाल हमेशा अभिभावक की तरह आशीर्वाद देने वाले मा० श्री आलमबदी साहब विधायक निजामाबाद आजमगढ़ को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि #upvidhansabha pic.twitter.com/cqfCCPigBH
— Anil Pradhan (@Anilpradhan01) July 23, 2026
मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी और सिद्धांतों के पक्के
आलमबदी आजमी को समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता था.
उनके जीवन से जुड़ा 1996 के चुनाव का एक चर्चित किस्सा उनकी ईमानदारी का प्रतीक माना जाता है. बताया जाता है कि 1996 के चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे, लेकिन आजमी ने यह कहते हुए पैसे वापस कर दिए थे कि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता नहीं है.
नेताओं और समर्थकों ने दी श्रद्धांजलि
आलमबदी आजमी के निधन की खबर फैलते ही समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई. पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उनके आवास पर पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी जनसेवा को याद किया.













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