Seema Haider ने छठे बच्चे का नाम रखा 'भारत', पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई रस्म और पूजा; देखें VIDEO
(Photo Credits @Sachingupta)

ग्रेटर नोएडा: पाकिस्तान से आकर सुर्खियों में रहने वाली सीमा हैदर (Seema Haider)  एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. सीमा ने अपने छठे बच्चे का नाम 'भारत' रखा है. इस खुशी के अवसर पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के कस्बा रबूपुरा में पारंपरिक 'कुआं पूजन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान सीमा हैदर पूरी तरह से भारतीय रंग में रंगी नजर आईं और उन्होंने स्थानीय महिलाओं के साथ मिलकर उत्सव मनाया.

पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुई रस्म

रबूपुरा की गलियों में शनिवार को उत्सव जैसा माहौल रहा. सीमा हैदर ने हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बच्चे के जन्म के बाद होने वाली 'कुआं पूजन' की रस्म निभाई. सिर पर कलश रखकर और भारतीय परिधान में सजी सीमा ने महिलाओं के साथ मंगल गीत गाए. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सीमा को इस रस्म के दौरान उत्साहित और स्थानीय संस्कृति का पालन करते हुए देखा जा सकता है.  यह भी पढ़े: Seema Haider News: क्या सीमा हैदर को भारत से पाकिस्तान जाना होगा, केंद्र सरकार के आदेश का क्या होगा असर? देखें उनके वकील एपी सिंह का बयान (Watch Video)

सीमा हैदर ने छठे बच्चे का नाम रखा भारत

वकील एपी सिंह ने भी की शिरकत

इस विशेष कार्यक्रम में सीमा हैदर के कानूनी सलाहकार और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एपी सिंह भी शामिल हुए. वीडियो में एपी सिंह को सीमा और सचिन के परिवार के पीछे पैदल चलते हुए देखा जा सकता है. सिंह ने बच्चे का नाम 'भारत' रखे जाने पर प्रसन्नता जाहिर की और परिवार को बधाई दी. वहां मौजूद लोगों ने वकील एपी सिंह के समर्थन में नारे भी लगाए.

'भारत' नाम ने खींचा सबका ध्यान

सीमा हैदर के पहले से चार बच्चे (जो पाकिस्तान से साथ आए थे) और एक अन्य बच्चे के बाद यह उनकी छठी संतान है. उन्होंने अपने इस बेटे का नाम 'भारत' रखकर राष्ट्रवाद का संदेश देने की कोशिश की है. सीमा ने मीडिया से बातचीत में अक्सर कहा है कि वह अब पूरी तरह से भारतीय संस्कृति में ढल चुकी हैं और भारत ही उनका स्थायी घर है.

सुरक्षा और स्थानीय लोगों की मौजूदगी

कुआं पूजन के दौरान सुरक्षा के सामान्य इंतजाम रहे और स्थानीय निवासियों ने भी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लिया. सीमा और सचिन के घर से लेकर पूजन स्थल तक ढोल-नगाड़ों की थाप पर जुलूस निकाला गया. हालांकि सीमा का मामला अभी भी कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन है, लेकिन वह लगातार सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए चर्चा में बनी रहती हैं.