Mumbai Shocker: मुंबई में स्कूल प्रबंधन की शर्मनाक करतूत, 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़, 20 दिनों तक मामले को दबाया; चपरासी गिरफ्तार, CEO फरार
मुंबई के मालाड इलाके में एक निजी स्कूल के चपरासी को 5 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. स्कूल प्रबंधन पर मामले को 20 दिनों तक छिपाने और पीड़ित परिवार को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है.
मुंबई, 8 फरवरी 2026: मुंबई (Mumbai) के मालाड (Mallad) इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी (Peon) को 5 साल की छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Abuse) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब यह खुलासा हुआ कि स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी होने के बावजूद इसे 20 दिनों तक दबाए रखा. पुलिस ने अब स्कूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) (CEO) के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Mumbai Shocker: लोअर परेल रेलवे यार्ड में खड़ी ट्रेन में 10 साल के बच्चे से कुकर्म, आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
घटना का विवरण और धमकाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, यह घटना 12 जनवरी को स्कूल परिसर में हुई थी। डरी-सहमी बच्ची ने जब अपनी मां को आपबीती सुनाई, तब मामले का खुलासा हुआ. एफआईआर (FIR) के मुताबिक, आरोपी चपरासी ने न केवल बच्ची के साथ गलत हरकत की, बल्कि उसे जान से मारने और "गंभीर परिणाम" भुगतने की धमकी भी दी ताकि वह किसी को कुछ न बताए.
जब पीड़ित माता-पिता ने स्कूल प्रशासन से संपर्क किया, तो सहयोग मिलने के बजाय उन्हें चुप्पी और धमकियों का सामना करना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि स्कूल के CEO ने आरोपी की पहचान बताने से इनकार कर दिया और पिता को पुलिस के पास न जाने के लिए डराया-धमकाया.
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
प्रबंधन से कोई मदद न मिलने पर माता-पिता ने खुद मालाड पुलिस का दरवाजा खटखटाया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 फरवरी को आरोपी चपरासी को विरार स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ज़ोन XI), संदीप जाधव ने बताया, 'किसी भी संस्थान के लिए ऐसी घटनाओं की तुरंत सूचना पुलिस को देना अनिवार्य है. रिपोर्टिंग में देरी और लापरवाही के कारण स्कूल अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.'
लगाए गए कानून और धाराएं
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कानूनी धाराएं लागू की हैं:
- BNS और POCSO: आरोपी और प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 351(2) के साथ-साथ पोक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं.
- अनिवार्य रिपोर्टिंग: पोक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत, किसी भी संस्थान के प्रभारी के लिए अपराध की सूचना देना अनिवार्य है। ऐसा न करना अपने आप में एक दंडनीय अपराध है.
बदलापुर कांड की यादें हुईं ताज़ा
यह मामला साल 2024 के चर्चित बदलापुर स्कूल कांड की याद दिलाता है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. उस समय भी स्कूल प्रशासन पर संस्थान की प्रतिष्ठा बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने के आरोप लगे थे. मालाड की इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वर्तमान में पुलिस स्कूल के आंतरिक संचार रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले को दबाने में और कौन-कौन से कर्मचारी शामिल थे.