Ram Sutar Passes Away: गुजरात (Gujarat) में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ ('Statue of Unity') को बनाने वाले मशहूर मूर्तिकार राम सुतार (Indian sculptor Ram Sutar) का बुधवार देर रात नोएडा में उनके घर पर निधन हो गया. वह 100 साल के थे और उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे. उनकी मौत से भारतीय स्मारक मूर्तिकला के एक युग का अंत हो गया है. राम सुतार अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जिसने आधुनिक भारत के सार्वजनिक स्मारकों की विजुअल भाषा को आकार दिया है. उनके निधन पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, दोनों डिप्टी सीएम अजित पवार और एकनाथ शिंदे ने शोक व्यक्त किया है.
इस खबर की पुष्टि करते हुए, उनके बेटे अनिल सुतार ने गुरुवार को एक बयान में कहा, ‘बहुत दुख के साथ हम आपको सूचित करते हैं कि मेरे पिता, श्री राम वानजी सुतार का 17 दिसंबर को आधी रात को हमारे घर पर निधन हो गया.’ यह भी पढ़ें: Fauja Singh Dies: 114 वर्षीय महान मैराथन धावक फौजा सिंह का निधन, दौड़ के बादशाह ने दुनिया को कहा अलविदा
सीएम देवेंद्र फणवीस ने दी राम सुतार को श्रद्धांजलि
महाराष्ट्र माझा !
मराठी माणूस राज्याबाहेर किंवा जगाच्या कोपर्यात कुठेही असो, त्याचे मातीशी नाते कधीच तुटत नाही आणि ज्याचे मातीशी नाते तुटत नाही, तोच मोठा होतो.
आज ज्येष्ठ शिल्पकार रामभाऊ सुतार यांना ‘महाराष्ट्र भूषण’ हा पुरस्कार त्यांच्या नोएडातील निवासस्थानी जाऊन प्रदान… pic.twitter.com/Hdo57bI7Sz
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) November 14, 2025
सीएम ने राम सुतार के निधन पर जताया शोक
ज्येष्ठ शिल्पकार महाराष्ट्रभूषण, डॉ. राम सुतार यांच्या निधनाचे वृत्त अतिशय दुःखद आहे. त्यांचे पुत्र अनिल सुतार यांना दूरध्वनी करून शोकसंवेदना व्यक्त केल्या आणि त्यांना सांत्वना दिली.
रामभाऊंच्या निधनाने जिवंत मूर्ती साकारणारा जागतिक कीर्तीचा एक उमदा कलाकार आपल्यातून निघून गेला.… pic.twitter.com/HwJ9EXBR9D
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) December 18, 2025
राम सुतार का शानदार जीवन
महाराष्ट्र के धुले ज़िले के गोंडुर गांव में 19 फरवरी, 1925 को जन्मे राम सुतार को बचपन से ही कला और मूर्तिकला में गहरी रुचि थी. उन्होंने मुंबई के मशहूर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर में पढ़ाई की और गोल्ड मेडलिस्ट बनकर ग्रेजुएट हुए. इसके बाद उनका एक शानदार कलात्मक सफ़र शुरू हुआ जो सात दशकों से ज्यादा समय तक चला, इस दौरान सुतार भारत के सबसे प्रभावशाली मूर्तिकारों में से एक बनकर उभरे.
उनके सबसे मशहूर कामों में महात्मा गांधी की बैठी हुई ध्यान मुद्रा वाली मूर्ति, संसद परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की घुड़सवार मूर्ति और डॉ. बी. आर. आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और अन्य राष्ट्रीय हस्तियों की कई मूर्तियां शामिल हैं. उनकी सबसे मशहूर और दुनिया भर में पहचानी जाने वाली रचना 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है, जो भारत के पहले उपप्रधान मंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है, और यह दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है.
भारतीय कला और विरासत में सुतार के योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले. उन्हें साल 1999 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. इस साल की शुरुआत में उन्हें मूर्तिकला और सार्वजनिक कला में उनके आजीवन योगदान के लिए राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
बड़ी उम्र होने के बावजूद, सुतार आखिर तक रचनात्मक रूप से सक्रिय रहे. 100 साल की उम्र में भी, वह मुंबई के इंदु मिल में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक के काम में शामिल थे, जो उनके शिल्प के प्रति उनके आजीवन समर्पण को दर्शाता है.
महाराष्ट्र के सीएम, दोनों डिप्टी सीएम ने शोक व्यक्त किया
विभिन्न पार्टियों के राजनीतिक नेताओं ने मास्टर मूर्तिकार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुतार को एक वैश्विक कलाकार बताया, जिन्होंने पत्थर में जान डाल दी, और हाल ही में उनके नोएडा आवास पर व्यक्तिगत रूप से महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार देने के लिए अपनी यात्रा को याद किया.
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सुतार के निधन से भारतीय मूर्तिकला के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है. इसके साथ ही उन्होंने उनकी विनम्रता, समर्पण और मूर्तिकारों की पीढ़ियों को सलाह देने में उनकी भूमिका की तारीफ की. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें ‘मूर्तिकला का कोहिनूर’ बताते हुए कहा कि उनके शानदार काम सदियों तक उनकी याद को जिंदा रखेंगे.
डिप्टी सीएम अजित पवार ने जताया शोक
ज्येष्ठ शिल्पकार राम सुतार यांच्या निधनामुळे शिल्पकलेच्या क्षेत्रातील एका सुवर्णयुगाचा अंत झाला असून या क्षेत्रातील भीष्माचार्य काळाच्या पडद्याआड गेले आहेत. मी त्यांना भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पण करतो.
राम सुतार यांनी जगाच्या कानाकोपऱ्यात शेकडो शिल्पे साकारली. त्यांची प्रत्येक… pic.twitter.com/bGpoFrRgjk
— Ajit Pawar (@AjitPawarSpeaks) December 18, 2025
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने जताया शोक
शिल्पकलेतील कोहिनूर काळाच्या पडद्याआड...
एका सुवर्णपर्वाचा अस्त....
आंतरराष्ट्रीय कीर्तीचे ज्येष्ठ शिल्पकार, ‘महाराष्ट्र भूषण’ राम सुतार यांच्या निधनाने शिल्पकलेच्या क्षेत्रातील एका महान पर्वाचा अस्त झाला असून 'शिल्पकलेचा कोहिनूर' काळाच्या पडद्याआड गेला आहे. आपल्या कलेच्या… pic.twitter.com/EzWtMROm03
— Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) December 18, 2025
महाराष्ट्र के एक गांव से लेकर दुनिया भर में पहचान बनाने तक, राम सुतार का जीवन कलात्मक उत्कृष्टता, अनुशासन और समर्पण का सबूत था. हालांकि यह महान मूर्तिकार अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई विशाल मूर्तियां हमेशा खड़ी रहेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए पत्थर में उनकी विरासत को जिंदा रखेंगी.











QuickLY